गोंडा। शहर के कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था बनने की राह आसान हो गई है। शहर से सटे कलंदरपुर चौबे गांव में चयनित भूमि का बुधवार को जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द प्रस्ताव पर काम शुरू हो। उन्होंने कहा कि कूड़ा निस्तारण प्राथमिकता में है।
जिले में कूड़ा निस्तारण प्लांट की स्थापना के लिए दो साल से जमीन की तलाश हो रही थी। कूड़ा निस्तारण केंद्र न होने का मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था। हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद भूमि तय करने के प्रयास तेज हुए थे। बीते 17 मई को तत्कालीन एसडीएम सदर कुलदीप सिंह ने कलंदरपुर चौबे में 0.081 हेक्टेयर बंजर भूमि प्रस्तावित की थी। इस पर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से कूड़ा-कचरा संग्रहण केंद्र की स्थापना होनी है। शहर से सटे कलंदरपुर चौबे गांव में कूड़ा-कचरा संग्रहण केंद्र यानी मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर की स्थापना तय हो गई है। निर्माण होने पर यहां शहर के गली-मोहल्लों से निकलने वाला कूड़ा डंप किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि कूड़ा निस्तारण प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी।