फोटो-23-गोंडा के रोडवेज डिपो पर बस में बैठने को लेकर जद्दोजहद करते लोग। -संवाद
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गोंडा। जिले के बीस केंद्रों पर शनिवार को पीईटी-2022 शांतिपूर्ण ढंग से हो गई। इसमें 19,440 प्रतियोगियों को शामिल होना था, लेकिन दोनों पालियों में 15, 324 आवेदकों ने ही परीक्षा दी है। जिसमें 4,116 ने परीक्षा छोड़ दी। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार व सीडीओ गौरव कुमार ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करके व्यवस्था देखी। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। उधर, परीक्षा देने आए आवेदकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। कहीं देर से पहुंचने पर प्रवेश देने में आनाकानी हुई तो कहीं अन्य दिक्कतों से परेशान होना पड़ा।
प्रारंभिक अर्हता परीक्षा-2022 में आए परीक्षार्थियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोनों पालियों में 4116 ने परीक्षा छोड़ी है। परीक्षा देने के बाद बाहर आए छात्रों ने कहा कि पेपर सही था, कुछ सवाल घुमावदार थे। गणित के प्रश्नों में कुछ लोगों को दिक्कत हुई, लेकिन स्थानीय स्तर पर कई तरह की दिक्कतें हुईं। केंद्रों तक पहुंचाने के लिए बैट्री रिक्शा चालकों ने मनमाने किराये लिए। लोगों को जानकारी न होने का लाभ उठाया। खास बात यह रही कि एक आवेदक से एलबीएस चौराहे से रोजबुड कॉलेज तक लाने में 50 रुपये किराया रिक्शा चालक ने ले लिया, जबकि पांच रुपये ही किराया है। रात में आए आवेदकों को रहने में दिक्कत हुई। किसी तरह धर्मशाला और होटलों में आपस में मैनेज करके रहना पड़ा।
बाली और मंगलसूत्र निकालने को कहा तो आ गए आंसू
पीईटी में आए परीक्षार्थियों को काफी दिक्कतें हुई। नगर के शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज में परीक्षा देने आईं अयोध्या के नाका चुंगी कि अर्चना यादव की आंखें भर आईं। अंदर जाने पर उसे मंगलसूत्र व बाली निकाल कर आने को कहा गया। वह बाहर आई तो उसके साथ आए पति नहीं मिले। काफी देर तक खोजा और पति को बाली व मंगलसूत्र दिया। वहीं सोहावल की रिंकी ने कहा कि पेपर अच्छा हुआ। सत्यम पांडेय ने कहा कि परीक्षा केंद्र दूर था, बस्ती से आना था तो भोर में आना पड़ा। इसी तरह उमेश निषाद ने बस में अधिक भीड़ होने की बात कही। रोहित कुमार ने कहा कि उसकी बहन नेहा की परीक्षा है, वह दिलाने आया है।
केंद्र में जाने से सिटी मजिस्ट्रेट को भी रोका
पीईटी परीक्षा के दौरान नगर के शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज में दूसरी पाली में सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता औचक निरीक्षण करने पहुंचे तो उन्हें भी प्रवेश द्वार पर लगे एक कर्मचारी ने रोक दिया। कहा कि प्रवेश का समय समाप्त हो गया है अंदर नहीं जा सकते हैं। तभी सिटी मजिस्ट्रेट के अर्दली और गनर आ गए। कर्मचारी सहम गया जब उसे पता चला कि सिटी मजिस्ट्रेट हैं तो माफी मांगने लगा, लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट ने उसकी पीठ थपथपाई और कहा कि ऐसे ही सतर्क रहिए। यही देखने मैं पैदल अकेले आया था।