गोंडा। जिले में निर्माणाधीन राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में फर्नीचर समेत जरूरी उपकरणों की खरीद के लिए वित्त समिति की ओर से 10 करोड़ रुपये बजट की प्रारंभिक स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद कार्यपरिषद से स्वीकृति के बाद पठन-पाठन शुरू करने के लिए फर्नीचर समेत अन्य जरूरी मूलभूत आवश्यकताओं पर रकम खर्च की जाएगी।
पिछले दिनों में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में पठन-पाठन के लिए शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई थी। वहीं सोमवार को जिले के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की बैठक को लेकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ में वित्त समिति की बैठक की गई। इसमें जिले के इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
अधिकारियों ने बताया कि इस राशि से राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में पठन-पाठन शुरू करने के लिए फर्नीचर, प्रयोगशाला, उपकरणों के अलावा पुस्तकालय के लिए समुचित इंतजाम किए जा सकेंगे।
बजट के अभाव में जुलाई से अटका हुआ है काम
अधिकारियों ने बताया कि बजट के अभाव में जुलाई से राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज निर्माण कार्य अटका हुआ है। अब तक करीब 78 प्रतिशत काम पूरा हो पाया है। अधूरे भवन की वजह से प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अंबेडकरनगर में संचालित की जा रही हैं। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए बजट की मांग की गई है।
अधिशासी निदेशक, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज गोंडा, प्रो. गोविंद पांडेय के अनुसार एकेटीयू में जिले के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की मूलभूत आवश्यकताओं के लिए वित्त समिति की बैठक में दस करोड़ रुपये की प्रारंभिक स्वीकृति मिली है। इसके बाद प्रस्ताव कार्य परिषद में रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में वर्कशॉप, पुस्तकालय, उपकरण आदि संसाधन जुटाए जाएंगे।