गोंडा। बारिश व बिजली कड़कने के चलते मंगलवार को कक्षा एक से बारहवीं तक के जिले के सभी स्कूल-कॉलेज बंद करने पड़े। वहीं, शहर से गांवों तक के लोग बिजली संकट से परेशान हैं। हालात यह है कि मुख्य अभियंता के सख्त निर्देशों का भी उपखंड अधिकारियों पर असर नहीं दिख रहा है। बारिश के चलते नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मच्छरों का प्रकोप है। जलभराव से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बिजली गिरने से दो मवेशियों की मौत भी हुई है।
वजीरगंज संवार के अनुसार, सोमवार सुबह नौ बजे रघुराजनगर टिकरी उपकेंद्र से मोहनपुर उपकेंद्र की 33 केवीए एचटी लाइन का माधवपुर के पास केबल बॉक्स दग गया। अधिकारियों से कई बार शिकायत करने पर 21 घंटे बाद मंगलवार सुबह छह बजे केबल बॉक्स बदला जा सका। बालपुर संवाद के अनुसार, सोमवार रात करीब 11 बजे अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। घंटों इंतजार के बाद उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र पर जानकारी दी। ऐसे में 18 घंटे बाद आपूर्ति सुचारू की जा सकी। अभियंताओं ने बताया कि 11 केवीए की लाइन में फाल्ट के चलते बिजली आपूर्ति ठप हुई थी।
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कटरा बाजार संवाद के अनुसार, रात करीब तीन बजे बारिश शुरू होते ही बिजली गुल हो गई। 15 घंटे के बाद भी हजारों की आबादी में बिजली गुल है। बेलसर संवाद के अनुसार, सोमवार देर रात अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मंगलवार देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। अवर अभियंता एसके सिंह ने बताया कि बिजली गिरने के चलते दिक्कतें आईं हैं। जल्द ही आपूर्ति बहाल कराने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
नवाबगंज संवाद के अनुसार, रात करीब ढाई बजे कस्बा छोड़कर सभी फीडरों से आपूर्ति ठप हो गई। इस दौरान ढेमवा, वजीरगंज प्रथम व द्वितीय और उमरिया समेत फीडर से आपूर्ति से ठप हो गई। मसकनवा संवाद के अनुसार, रात नौ बजे से गौराचौकी, भोपतपुर, छपिया, बगदर और मसकनवा इलाके में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है।
तरबगंज संवाद के अनुसार, भानपुर में देर रात बिजली गिरने से रामनाथ और उसके भाई रामपाल की एक-एक भैंस मर गई। पीड़ित भाइयों ने लेखपाल राजेश मिश्र को जानकारी दी है। लेखपाल ने मुआवजा दिलाने के लिए तहसीलदार अनीश सिंह को रिपोर्ट भेजी है।