गोंडा। लोकल फाल्ट और क्षमता से अधिक लोड होने के कारण जिले में बिजली का संकट बढ़ता जा रहा है। शहर की वीआईपी कॉलोनी हो या ग्रामीण क्षेत्र हर जगह शाम होते ही बिजली की आंखमिचौली शुरू हो जाती है। सोमवार रात आवास विकास काॅलोनी, सिविल लाइंस, इंदिरानगर, विष्णुपुरी समेत शहर के कई मोहल्लों में 11 बार बिजली कटौती हुई। हर बार आपूर्ति शुरू होने में 15 मिनट से लेकर आधे-एक घंटे तक लगा। जिससे लोगों की रात की नींद उड़ गई।
आवास विकास काॅलोनी में पूर्व मंत्री, विधायक समेत कई डॉक्टरों व अधिकारियों का आवास है। उपभोक्ता शशांक मिश्र ने बताया कि हर रोज शाम ढलते ही बिजली की आवाजाही तेज हो जाती है। अधिकारियों का फोन उठता नहीं और कंट्रोल रूम का नंबर नॉट रीचवेल हो जाता। ऐसे में उपभोक्ताओं को पूरी रात गर्मी में परेशान रहते हैं। सरकार की तरफ से मुख्यालय पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति का निर्देश है मगर शहर में बमुश्किल 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
वहीं, सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली मुहैया करानी है मगर यहां गांवों में सिर्फ दस घंटे ही बिजली मिल पा रही है। अधिकांश गांवों में लो वोल्टेज के कारण बिजली उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। करनैलगंज के 52 गांवों समेत जिले के 100 से अधिक गांवों में रविवार रात बिजली आपूर्ति बाधित रही।
शहर के बड़गांव व आवास विकास उपकेंद्र से अवर अभियंता का स्थानांतरण हो गया था। करीब एक महीने से बिना जेई के ही बिजली आपूर्ति की जा रही थी। अब बड़गांव उपकेंद्र पर अवर अभियंता आमोद कुमार तथा आवास विकास उपकेंद्र पर पवन कुमार की तैनाती की गई है। इससे अब शहर में फाल्ट ढूंढ़ने में आसानी होगी।
अधीक्षण अभियंता रामनरेश का कहना है कि बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ओवरलोड ट्रांसफार्मर व जर्जर तार बदले जा रहे हैं। कुछ जगह समस्या है, जल्द ही दूर कराई जाएगी।