बलरामपुर। नेपाल के सीमावर्ती गांव के मरीजों को बेहतर उपचार मुहैया कराने के लिए चार अस्पतालों में लगे हेल्थ एटीएम के संचालन में बिजली बाधा बन रही है। ओपीडी के समय बिजली न होने के कारण तीन अस्पतालों में मशीन से मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। लैब में मैनुअल विधि से जांच कराने के लिए मरीज घंटों भटकते हैं।जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से जिले के पांच अस्पतालों में अभी तक हेल्थ एटीएम की सुविधा नहीं मिल पाई है।एक ही स्थान पर मरीजों को कई जांच की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकार ने हेल्थ एटीएम सेवा शुरू की है।
जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैसड़ी, पचपेड़वा, तुलसीपुर व शिवपुरा में यह मशीन लगाई जा चुकी है। इस मशीन में खून का स्तर (हीमोग्लोबिन), मधुमेह (सूगर), रक्तचाप (बीपी) आक्सीजन लेवल, वजन एवं ऊंचाई मापने की व्यवस्था है। शासन की मंशा है कि ओपीडी में आने वाले मरीज पहले आवश्यक जांच कराने के बाद ही इलाज के लिए डॉक्टर के पास पहुंचे।
ओपीडी के समय अक्सर बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण सीएचसी शिवपुरा, गैसड़ी व पचपेड़वा में मशीन का संचालन ठीक से नहीं हो पाता है। ऐसे में मरीज मशीन से होने वाली जांचों के लिए लैब में भटकने को मजबूर होते हैं। बृहस्पतिवार को सीएचसी गैसड़ी में आईं संतोषी, छोटका व राजू ने बताया कि बिजली न होने से मशीन बंद है।
तुलसीपुर में हुई 568 मरीजों की जांच
सीएचसी तुलसीपुर में अक्टूबर माह में लगे हेल्थ एटीएम से अब तक 568 मरीजों की जांच हो चुकी है। इसमें 100 मरीजों का हीमोग्लोबिन, 100 का मधुमेह (शूगर) जांच हुई है। अधीक्षक डॉ. सुमंत सिंह चौहान ने बताया कि एटीएम पर नियमित मरीजों के रक्तचाप, आक्सीजन लेबल, वजन व ऊंचाई की जांच हो रही है।
जनप्रतिनिधियों की सजगता से मिल सकती है मशीन
जिले की सीएचसी नंदनगर, उतरौला, श्रीदत्तगंज, गैड़ास बुजुर्ग व सादुल्लाहनगर को हेल्थ एटीएम लगने का इंतजार है। क्षेत्रीय सांसद व चार विधायक की उदासीनता से इन अस्पतालों में अबतक मशीन नहीं पहुुंची है। जनप्रतिनिधि जागरुकता दिखाएं तो इन क्षेत्रों के मरीजों को भी हेल्थ एटीएम पर बेहतर जांच की सुविधा मिल सकती है।
बेहतर उपचार मुहैया कराना है लक्ष्य
पहले चरण में नेपाल सीमा से सटे चार सीएचसी पर हेल्थ एटीएम मशीन लगाई गई है। सभी अस्पतालों में इससे मरीजों का उपचार हो रहा है। ओपीडी के समय बिजली न होने पर जनरेटर से मशीन चलाने का निर्देश अधीक्षकों को दिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य मरीजों को बेहतर उपचार मुहैया कराना है।
- सुशील कुमार, सीएमओ बलरामपुर