गोंडा। निजीकरण व अन्य मांगों को लेकर बिजलीकर्मियों के संयुक्त महाआंदोलन की शुरुआत मंगलवार से हो रही है। टेक्नीशियन से लेकर एक्सईएन तक करीब 300 बिजलीकर्मी कार्य बहिष्कार कर मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना देंगे। सभी कर्मियों के कार्य बहिष्कार से बिजली आपूर्ति प्रभावित होनेे की आशंका जताई जा रही है।
जिले में 34 उपकेंद्रों के माध्यम से करीब पांच लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जा रही है। आपूर्ति में दिक्कत आने पर समाधान के लिए तैयार रहने वाले टीजीटू टेक्नीशियन ग्रेड टू कर्मियों से लेकर खंड कार्यालयों पर तैनात एक्सईएन तक मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर धरना देंगे।
विद्युत कर्मचारी संयुुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधि व राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के क्षेत्रीय सचिव रामाजी ने बताया कि प्रांतीय कार्यसमिति के निर्देशन पर मंगलवार को जिले के सभी बिजलीकर्मी एक साथ मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना देंगे। आंदोलन अनिश्चितकाल तक चलेगा।
बताया कि आंदोलन में मुख्य रूप से निजीकरण का विरोध, प्रबंधन की ओर से होने वाले उत्पीड़न का विरोध सहित बिजली कर्मियों को कैशलेस इलाज की व्यवस्था दिए जाने के साथ पुरानी पेंशन दिए जाने अदि मांगें प्रमुख रहेंगी।
जेई के निलंबन वापसी की चलती रहेगी मांग
बिजली कर्मियों के संयुक्त आंदोलन के साथ ही अवर अभियंता के निलंबन के खिलाफ भी आंदोलन चलता रहेगा। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के जिलाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि आवास विकास विद्युत उपकेंद्र पर तैनात रहे अवर अभियंता अजीत सिंह के निलंबन की वापसी को लेकर आंदोलन चलता रहेगा। संयुक्त आंदोलन में ये मुद्दा भी शामिल किया जाएगा। निलंबन वापसी तक आंदोलन चलता रहेगा। मुख्य अभियंता ने बात करने के लिए बुलाया था, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। संवाद