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173 वार्डों में आरक्षण पर मंथन

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गोंडा। जिले में निकाय चुनाव की तैयारियां पूरी हो रहीं हैं। चार नये निकायों के गठन और दो की सीमा में विस्तार होने से नये सिरे से आरक्षण लागू होने की उम्मीद है। वहीं, चार निकायों में चक्रानुक्रम लागू होने से वर्ग में परिवर्तन होने की उम्मीद है। जिले में 10 निकायों में 173 वार्डों के आरक्षण पर मंथन हुआ है। जिसकी तस्वीर आगामी 12 नवंबर को साफ होगी। वहीं, निकायों में नए गठित तीन निकायों के साथ ही सीमा विस्तार वाले दो निकायों का आरक्षण नए सिरे से होना है। इसके लिए आबादी के आधार पर निर्णय होगा।
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सभी निकायों के वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रशासन की ओर से मंथन जारी है। सोमवार को निकायों के वार्डों के आरक्षण का खाका खींचा जाएगा। 2011 में निकायों के वार्डों के आरक्षण की अधिसूचना के आधार पर आरक्षण तय किए जाएंगे। इसमें जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए थे, वहां अगले निर्वाचन में आरक्षण नहीं लागू होंगे। सीट के आरक्षण में परिवर्तन हो जाएगा। 2017 में जिले में सात निकायों में चुनाव हुए थे। इसमें तीन नगर पालिका और चार नगर पंचायतें थीं। इस बार तीन नए निकायों का गठन किया गया है। इसमें धानेपुर, बेलसर और तरबगंज शामिल हैं। यहां चक्रानुक्रम लागू नहीं होगा।
आरक्षण का खाका खींचा जाएगा
दो निकायों के परिसीमन कराए गए हैं, जिसमें नये वार्ड बनाये गये हैं या पुराने वार्ड में कुछ नए क्षेत्र शामिल किए गए हैं। ऐसे वार्डों के पूरी तरह नया होने अथवा वार्ड की जनसंख्या में 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या के नये क्षेत्र में शामिल होने पर उसे नया वार्ड माना जाएगा। जनसंख्या के आधार पर आरक्षण तय किया जाएगा। शनिवार को शासन से वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हुई थी, लेकिन शासन से कुछ नए संशोधन होने से अब सोमवार को फिर से वार्डों के आरक्षण का खाका खींचा जाएगा।
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आबादी के आधार पर तय होगा आरक्षण
आरक्षण को लेकर प्रशासन ने अभी कोई प्रस्तावित सूची जारी नहीं की है, सोमवार को आरक्षण का कार्य फिर से होगा। इसके बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाना है। जिसमें ओबीसी और एससी की जितने प्रतिशत आबादी है, उतने ही फीसदी उन्हें आरक्षण दिया जाना है। इस नियम के पालन में यह भी ध्यान रखा जाएगा कि एससी का 21 और ओबीसी का आरक्षण 27 प्रतिशत से अधिक नहीं हो।
निकायों में रैपिड सर्वे के बाद वार्डों की नंबरिंग की गई है। इसमें सबसे ऊपर महिला एससी वार्ड इसके बाद पुरुष एससी वार्ड और फिर ओबीसी महिला वार्ड होंगे। इनके बाद ओबीसी पुरुष वार्ड फिर सामान्य महिला और इसके बाद सभी सामान्य वार्ड तय होंगे।
निकायों के वार्डों के आरक्षण पर कार्य हो रहा है। शासन को प्रस्तावित करके भेजा जाना है। शासन स्तर से ही आरक्षण की कार्रवाई पूरी करके सूची जारी होगी। अर्पित गुप्ता, नगर मजिस्ट्रेट
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