गोंडा। बाढ़ प्रभावित गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती में रात के समय आपातकालीन बिजली कटौती बंद करने की मांग की गई है। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक तकनीकी और एसएलडीसी के निदेशक को पत्र भेजा है। मुख्य अभियंता ने बताया कि बाढ़ के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सांप, बिच्छू, मगरमच्छ, घड़ियाल के साथ भेड़िया, लकड़बग्घा और बाघ जैसे वन्यजीवों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में रात में बिजली कटने से ग्रामीणों में भय बना रहता है। पत्र के मुताबिक, 21 से 23 अगस्त के बीच कई फीडरों पर रात में आपात कटौती हुई। उतरौला ग्रामीण, श्रीदत्तगंज, धानेपुर, खरगूपुर, घारीघाट और देवरिया मद्धो फीडर प्रभावित रहे। मुख्य अभियंता ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए चारों जिलों में रात की आपात बिजली कटौती नहीं करने का अनुरोध किया है। (संवाद)