गोंडा। सरकार से अनुदान प्राप्त मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता की जांच की जानी है। इसके लिए जिले के छह मदरसों में नियुक्त 75 से ज्यादा शिक्षकों की योग्यता मानक के अनुसार परखी जाएगी।
मदरसों में शासन की ओर से 40 हजार से लेकर एक लाख रुपये से ज्यादा तक वेतन भुगतान प्रतिमाह किया जा रहा है। ऐसे में सरकार पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा की दिशा में आने वाली रुकावटों को दूर करने की बात कह रही है।
प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निदेशक जे. रीभा ने सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र लिखा है।
इसमें मदरसों में आधारभूत सुविधाओं व योग्य शिक्षकों की उपलब्धता पर जोर दिया है। ऐसे में सबसे पहले सरकार से अनुदान प्राप्त मदरसों के भवनों, कार्यरत शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच करने के लिए कहा गया है।
यह जांच 30 दिसंबर तक पूरी करके मदरसा शिक्षा बोर्ड के रजिस्ट्रार को भेजना है। इसी के साथ मदरसों में उपलब्ध सुविधाओं, छात्रों का पंजीकरण आदि के बारे में भी जांच की जानी है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि सरकार से अनुदान प्राप्त जिले में कुल छह मदरसे हैं। जहां शिक्षक व अन्य कर्मचारियों की संख्या लगभग 81 है। शासन से प्राप्त निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा।