डॉ. सुषमा त्रिवेदी। -संवाद
गोंडा। चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही व मरीजों से खराब व्यवहार के चलते जिला महिला अस्पताल में कार्यरत डॉ. सुषमा त्रिवेदी की सेवा समाप्त कर दी गई है। जिला स्वास्थ्य समिति ने डॉ. सुषमा त्रिवेदी की संविदा खत्म करने का निर्णय लिया है।
जिला महिला अस्पताल में तैनात डॉ. सुषमा त्रिवेदी के खिलाफ मरीजों से दुर्व्यवहार व कार्यों के प्रति लापरवाही की शिकायतें थीं। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की शिकायत पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने तीन मार्च 2023 को डॉ. सुषमा त्रिवेदी पर आरोपों की जांच के लिए टीम गठित की थी। जांच टीम की आख्या के बाद 27 जुलाई को सीडीओ एम. अरुन्मोलि, एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा, वित्त एवं लेखाधिकारी कामेश्वर प्रसाद व महिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस की उपस्थिति में बैठक कर डॉ. सुषमा त्रिवेदी की सेवा समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार किया गया। 30 अगस्त की देर शाम जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से डॉ. सुषमा त्रिवेदी की संविदा समाप्ति पर अंतिम मुहर लग गई।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि डॉ. सुषमा त्रिवेदी की सेवा समाप्ति की सूचना एनएचएम के निदेशक, अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. एचडी अग्रवाल, डीएम नेहा शर्मा, सीडीओ एम. अरुन्मोलि, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. शालू महेश, डॉ. सुषमा त्रिवेदी को दे दी गई है।
पूर्व विधायक तुलसीदास रायचंदानी व डाॅ. रश्मि शर्मा का विवाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है। खुद जिलाधिकारी नेहा शर्मा महिला अस्पताल व बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप व सभी सात विधायकों की मांग पर महिला अस्पताल के दागी चिकित्सकों की जांच कराई जा रही है। माना जा रहा है कि मरीजों से दुर्व्यवहार करने व गर्भवतियों को बहलाकर निजी अस्पताल में ले जाने वाली संविदा की दो डॉक्टरों पर भी कार्रवाई तय है।