गोंडा। आधी अधूरी तैयारी के बीच मंगलवार से जिले में धान की खरीद शुरू कर दी गई। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के लिए कागजों पर क्रय केंद्र बना दिए गए, मगर अभी तक वहां बैनर, बारदाना व अन्य सामान नहीं पहुंच सका। कई स्थानों पर बैनर तक नहीं लगाया जा सका। जबकि, डीएम ने पूरी तैयारी के साथ क्रय केंद्र खोलने का फरमान जारी किया था।
जिले में पांच क्रय एजेंसियों की ओर से 72 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद की जानी थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर, विपणन विभाग की ओर से तैयारी पूरी करने का दावा किया जा रहा था, लेकिन तैयारी कागजों तक ही सीमित रह गई। साधन सहकारी समिति वीरपुर कटरा पर बैनर लटकाकर क्रय केंद्र बना दिया गया, लेकिन यहां बारदाना (बोरों की गांठें), छलना, पंखा, इलेेक्ट्रानिक कांटा आदि नहीं पहुंच सका।
गोदाम प्रभारी कृष्ण कुमार तिवारी ने बताया कि शाम तक संसाधन मुहैया हो जाएंगे। तीन किसान केंद्र पर आए थे, जिन्हें जानकारी देकर वापस कर दिया गया। छपिया के मसकनवा बाजार स्थित धुसवा मंडी में सुबह 11 बजे तक बैनर भी नहीं लटकाया जा सका। क्रय केंद्र प्रभारी घनश्याम ने बताया कि शाम तक बैनर लग जाएगा। धान बेचने के लिए कुछ किसान संपर्क में हैं। जिले के कई स्थानों पर क्रय केंद्रों का ताला भी नहीं खुल सका।
पहले दिन नहीं हुई बोहनी
जिले में धान खरीद की औपचारिक शुुरुआत तो मंगलवार को हो गई, लेकिन पहले दिन किसी भी केंद्र पर किसान धान बेचने नहीं पहुंचे। मुुजेहना विकासखंड स्थित माधवगंज क्रय केंद्र प्रभारी महेंद्र कुमार सरोज ने बताया कि धान खरीदने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, लेकिन पहले दिन कोई किसान धान बेचने नहीं आया। नवाबगंज मंडी स्थित पीसीएफ क्रय केंद्र प्रभारी निशांत त्रिपाठी ने बताया कि पहले दिन कोई किसान धान बेचने नहीं पहुंचा। वजीरगंज के बंधवा में विपरण निरीक्षक जय प्रकाश ने बताया कि कोई किसान धान बेचने नहीं आया।
78 की जगह बने 72 क्रय केंद्र
विपणन वर्ष 2022-23 के लिए जारी क्रय नीति के अनुसार जिले में पांच क्रय एजेंसियों की ओर से 78 क्रय केंद्र खोले जाने थे, लेकिन कुछ 72 क्रय केंद्रों का अनुमोदन हो सका। जिसमें गोंडा सदर तहसील में 28 क्रय केंद्र, करनैलगंज में 14 क्रय केंद्र, तरबगंज में 24 क्रय केंद्र तथा मनकापुर में मात्र छह क्रय केंद्र बनाए गए। शासन की ओर से जिले को 78 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया है।
400 किसानों ने ही कराया पंजीकरण
धान बेचने के लिए जिले के करीब 400 किसानों ने पंजीकरण करवाया है। अन्य किसान भी खाद्य विभाग की वेबसाइट पर मोबाइल एप भी डाउनलोड कर सकते हैं। किसानों को पंजीकरण के लिए कंप्यूटराइज्ड खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति एवं आधार कार्ड लाना अनिवार्य है।
पूरी तैयारी के साथ मंगलवार से सभी 72 क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू कर दिया गया है। निगरानी के लिए केंद्रवार लेखपाल व अन्य कर्मचारियों को लगाया गया है। मंगलवार को कोई भी किसान धान बेचने नहीं पहुंचा। मंडी का निरीक्षण कर तैयारियों जायजा लिया गया। मंडी सचिव को फड़ पर रखे गेहूं को हटवाने का निर्देश दिया गया। प्रज्ञा मिश्रा, डिप्टी आरएमओ