गोंडा।
जिले में तहसील व थाना दिवसों में आने वाली शिकायतों के शत-प्रतिशत निस्तारण के दावे किए जा रहे हैं, मगर शिकायतकर्ताओं की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। शनिवार को एक बार फिर चार साल से दबंगों के कब्जे से अपनी जमीन पैमाइश कराने के लिए पृथ्वीपालग्रंट निवासी रामफेर ने गुहार लगाई है। वहीं संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर तरबगंज में डीएम, मनकापुर में सीडीओ और करनैलगंज में सीआरओ ने फरियाद सुनी है। डीएम ने शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाकर उसके सामने विवाद का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। पूरे मामले की वीडियोग्राफी कराकर अधिकारियों को देनी होगी।
तरबगंज तहसील में फिर से जमीन विवाद के सबसे ज्यादा मामले आए हैं। यहां तालाब की भूमि पर कब्जे के अलावा नाली व चकरोड के साथ ही अवैध कब्जा व अतिक्रमण की शिकायतें आई हैं। डीएम नेहा शर्मा ने सुबह 10 बजे से दो बजे तक 87 फरियादें सुनीं। पांच का मौके पर निस्तारण कराया जा सका है। शिकायतकर्ता रामफेर ने बताया कि दबंगों से जमीन पैमाइश कराकर अलग कराने के लिए चार साल से तहसील का चक्कर काट रहे हैं। अधिकारी आदेश कर रहे हैं, मगर पुलिस व राजस्व विभाग की लापरवाही से जमीन खाली नहीं हो पा रही है।
मनकापुर तहसील में सीडीओ एम. अरुन्मोली ने सबसे अधिक 90 शिकायतें सुनीं हैं। इसमें चार का निस्तारण किया गया है। वहीं करनैलगंज में मुख्य राजस्व अधिकारी महेश प्रकाश ने 68 शिकायतें सुनीं। जिसमें तीन का निस्तारण किया जा सका है। सदर तहसील में एसडीएम सुशील कुमार के अलावा एएसपी शिवराज ने कुल 51 शिकायतें सुनीं हैं।
डीएम ने निर्देश दिया कि राजस्व टीम पुलिस के साथ मौके पर जाकर शिकायतों का निस्तारण करें। तालाब, चकरोड, नाली व अवैध अतिक्रमण तत्काल हटवाएं। शिकायतकर्ता को भी मौके पर बुलाएं और उसके आने का लिखित उल्लेख करते हुए फोटो व वीडियो ग्राफी कराई जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।