गोंडा। देवीपाटन परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक उपेंद्र अग्रवाल का शासन ने तबादला कर दिया है। उपेंद्र अग्रवाल को लखनऊ कमिश्नरेट में संयुक्त पुलिस आयुक्त पद पर नियुक्ति दी गई है। अयोध्या के पुलिस उपमहानिरीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह अब देवीपाटन परिक्षेत्र की कमान संभालेंगे। पुलिस महानिरीक्षक उपेंद्र ने भूमाफिया के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी थी। पुलिस महानिरीक्षक काफी चर्चा में रहे।
आईजी ने जमीन फर्जीवाड़े में कार्रवाई शुरू की तो कई अधिवक्ताओं समेत एक दर्जन लोगों को जेल के सीखचों के पीछे जाना पड़ा। अब नए डीआईजी पर जमीन फर्जीवाड़े के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की चुनौती होगी। आईपीएस अफसर उपेंद्र अग्रवाल ने 22 सितंबर 2021 को देवीपाटन परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक का कार्यभार संभाला था। उपेंद्र अग्रवाल लखीमपुर रहने वाले केंद्रीय मंत्री अजय कुमार टेनी के बेटे के खिलाफ दर्ज अपराधिक मामले की जांच को लेकर चर्चा में आए थे।
इसके देवीपाटन परिक्षेत्र में रहते हुए उन्होंने नेपाल सीमा से जुड़ी गतिविधियों पर विशेष तौर पर नजर रखने के साथ ही वहां से होने वाली तस्करी की सूचनाओं पर काम शुरू कराया। वर्ष 2022 में एक माह के अवकाश पर चले गए। इसी बीच देवीपाटन परिक्षेत्र का प्रभार लखनऊ सुरक्षा के डीआईजी रहे विनोद कुमार सिंह को सौंपा गया था।
डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल की अवकाश से वापसी के बाद उनकी आईजी पद पर प्रोन्नति हो गई। जिले में जमीन घोटाले का खुलासा हुआ तो आईजी ने जमीन फर्जीवाड़े में जिला स्तरीय एसआईटी का गठन कर जमीन फर्जीवाड़े की जांच एसआई को सौंपकर उसकी मॉनीटरिंग शुरू की।
आईजी ने जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े 47 मुकदमे में से 36 मुकदमे की जांच राज्य स्तरीय एसआईटी को भेज दी थी। 11 मुकदमों की जांच के लिए शासन से सिफारिश की थी। भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के भतीजे सुमित भूषण सिंह और खास सहयोगी खलील टायर समेत कई के खिलाफ दर्ज जमीन फर्जीवाड़े के मामले में आईजी उपेंद्र अग्रवाल की सख्ती पर कार्रवाई में तेजी आई।
तेज तर्रार और ईमानदार कार्यशैली के कारण आईजी उपेंद्र अग्रवाल भूमाफिया के लिए किरकिरी बने रहे। नए डीआईजी अमरेंद्र प्रताप सिंह के सामने जमीन फर्जीवाड़े में कार्रवाई कराने बड़ी चुनौती होगी।