गोंडा। देवीपाटन मंडल का पहला इक्विपमेंट फॉर रिसोर्स रूम जिले के रुपईडीह में बनेगा। इसके लिए दो लाख रुपये से उपकरण खरीदे गए हैं। यह रिसोर्स रूम दिव्यांग बच्चों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। इसमें बच्चों को अस्थि रोग के अलावा बोलने, सुनने व देखने या फिर चलने-फिरने में आने वाले वाली दिक्कतों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
दिव्यांग बच्चों की सुविधाओं को देखते हुए देवीपाटन मंडल के बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती को छोड़कर गोंडा में मंडल का पहला इक्विपमेंट फॉर रिसोर्स रूम स्थापित किया जाएगा। इसके लिए रुपईडीह ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) बनगाई का चयन किया गया है। इसमें फिजियोथेरेपी सेवाएं, ऑक्युपेशनलथेरेपी, दिव्यांग बच्चों का क्रियात्मक एसेसमेंट और अभिभावकों को उचित परामर्श की व्यवस्था होगी।
इसका चयन ब्लॉक मुख्यालय के लिए किया गया है। मुख्य मार्ग पर होने के कारण यहां बच्चों को आने में असुविधा नहीं होगी। दिव्यांग बच्चों के माता-पिता को इधर-उधर भटकने नहीं पड़ेगा। शारीरिक तौर पर होने वाली समस्याओं के लिए अभ्यास व उचित सलाह के लिए फिजियोथेरेपिस्ट भी मुहैया होंगे। जिला समन्वयक राजेश सिंह ने बताया कि उपकरणों की खरीदारी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसे स्थापित किया जाएगा। (संवाद)
बच्चों की आवश्यकता अनुसार मिलेगा लाभ
दृष्टि, वॉक श्रवण, बौद्धिक, अस्थि बाधित एवं सेरीब्रल पाल्सी आदि से प्रभावित बच्चों को उनके आवश्यकता अनुसार सपोर्ट जैसे ब्रेल पढ़ना, लिखना, साइन लैंवेज, वाणी-भाषा विकास, फिजियोथेरेपी एवं दैनिक क्रियाकलाप से संबंधित दक्षताओं और कौशल विकास का अभ्यास कराया जाएगा। वहीं, इक्विपमेंट फॉर रिसोर्स रूम के लिए नोडल टीचर व प्रधानाध्यापक जिम्मेदार होंगे।
वर्जन
दिव्यांग बच्चों के लिए कारगर होगा रिसोर्स रूम
जिले का पहला इक्विपमेंट फॉर रिसोर्स रूम रुपईडीह ब्लॉक के बनगाई बीआरसी पर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए दो लाख रुपये के उपकरणों की खरीदारी की गई है। जल्द ही इसे क्रियाशील बनाकर बच्चों को लाभान्वित किया जाएगा।
-प्रेमचंद यादव, बीएसए