गोंडा। मंडल में अब वितरण परिवर्तक की स्थापना, खराब अंडरग्राउंड केबिल या उपकरणों के अभाव में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। इसके लिए 20-20 करोड़ प्रति जनपद बिजनेस प्लान के अतिरिक्त 42.15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ऐसे में अब मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती में 122.15 करोड़ रुपये से बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारु हो सकेगी।
बिजनेस प्लान के तहत 11 और 33 केवीए की पुरानी लाइनों को दुरुस्त करने, इनकी क्षमता वृद्धि के साथ ही वितरण परिवर्तक की स्थापना, एलटी लाइनों पर लटक रहे एबी केबल हटाने और जर्जर तारों को बदलने जैसे काम कराए जाएंगे। इसके अलावा आर्म्ड केबल, कार्यशाला के काम, कंप्यूटर व प्रिंटर, सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाएं सुचारु की जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि मंडल में मौजूदा समय में 14 लाख उपभोक्ता हैं। जिन्हें सुचारू रूप से बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बिजनेस प्लान के तहत इन कार्यों को शुरू करने के लिए 20-20 करोड़ प्रति जनपद प्रावधान किया गया था। मगर ये बजट मौजूदा जरूरत से कम होने के चलते 42.15 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इससे लाइनों की क्षमता वृद्धि के साथ ही कार्यशाला तक की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
पावर कॉर्पोरेशन की योजना के मुताबिक, मंडल में 443 वितरण प्रवर्तकों की स्थापना के साथ ही क्षमता वृद्धि के लिए अन्य जरूरी उपाय किए जाएंगे। 11 केवीए की 98 लाइन निर्माण कर व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी। 33 केवीए की 28 लाइनों के निर्माण संबंधी कार्य चिह्नित किए गए हैं। एक विद्युत उपकेंद्र के साथ ही उसकी क्षमता वृद्धि कर बिजली व्यवस्था सुचारू की जाएगी। 16 अंडरग्राउंड केबल बदलने के साथ ही 18 कार्यशाला के कार्य कराए जाएंगे।
पावर कॉर्पोरेशन के मुख्य अभियंता दीपक अग्रवाल ने बताया कि बिजनेस प्लान के अतिरिक्त 42.15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें विद्युत उपकेंद्र के साथ ही वितरण प्रवर्तक समेत क्षमता वृद्धि की जानी है। अब 122.15 करोड़ रुपये के बजट से मंडल के चारों जनपदों में जरूरी काम कराए जा रहे हैं।