गोंडा। लखनऊ के एससी-एसटी कोर्ट रूम में चार दिन पहले मुख्तार अंसारी के करीबी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की गोली मारकर हत्या के बाद जिले की 33 अदालतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अदालत की सुरक्षा व्यवस्था और चाक-चौबंद करते हुए और दो उपनिरीक्षकों समेत 16 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अब एक प्लाटून पीएसी के साथ ही 55 पुलिसकर्मी अदालतों की सुरक्षा की कमान संभालेंगे।
जिले की 33 अदालतों की सुरक्षा में पहले दो उपनिरीक्षक, दो मुख्य आरक्षी, पांच आरक्षी, पांच महिला आरक्षी, 25 होमगार्ड, एक प्लाटून पीएसी, चार डीएफएमडी, चार एचएचएमडी व 36 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। एसपी ने शुक्रवार देर रात अदालतों की सुरक्षा में इजाफा करते हुए पुलिस लाइंस से उपनिरीक्षक कृष्ण मुुरारी राय, थाना कटरा बाजार से उपनिरीक्षक जयहिंद, थाना वजीरगंज से मुख्य आरक्षी अभिषेक सिंह, थाना तरबगंज से मुख्य आरक्षी हरेंद्र, अनिल यादव, कोतवाली मनकापुर से मुख्य आरक्षी वकील कुमार सिंह, थाना छपिया से मुख्य आरक्षी उमेश प्रसाद, पुलिस लाइंस से मुख्य आरक्षी मो. नियायत, मानसिंह यादव व मो. इतफाल को न्यायालय सुरक्षा में तैनात किया है।
इसके अलावा थाना वजीरगंज से आरक्षी अतुल कुमार सिंह, थाना नवाबगंज से आरक्षी अखिलेश चौरसिया, थाना खोड़ारे से आरक्षी अजीत सिंह, पुलिस लाइंस से आरक्षी विकास यादव, आमिर खान व अखिलेश कुमार यादव को भी न्यायालय सुरक्षा में तैनाती दी गई है। एसपी आकाश तोमर ने बताया कि और पुलिसकर्मियों की तैनाती करके न्यायालय की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। डिप्टी एसपी से सुरक्षा का पर्यवेक्षण कराया जा रहा है।