बलरामपुर। जिले में पिछले एक पखवाड़े से शीतलहर व पाले का कहर जारी है। सर्द हवाओं के चलते मौसम काफी ठंडा हो गया है। ठंड के चलते जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है वहीं, पाले के चलते फसलों को नुकसान भी पहुंच रहा है। इससे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
नया साल शुरू होने के बाद से ही मौसम ने रंग दिखाना शुरू कर दिया। शीतलहर व सर्द हवाओं के चलते तापमान काफी गिर गया है। बीच-बीच में धूप निकलने के बाद भी सर्द हवाओं के चलते ठंड में कोई कमी नहीं आई। वहीं, बीते एक सप्ताह से दिन में भी कोहरा व बदली छाई रही। रविवार को दोपहर 12 बजे के बाद एक घंटे के लिए धूप निकली, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर कोहरा छा गया। कोहरा छाने व तेज हवा के चलते ठंड काफी बढ़ गई। ठिठुरन वाली ठंड के चलते ज्यादातर लोग घर से बाहर नहीं निकले। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले भी वे अपने आप को गर्म कपड़ों में ढके रहे।
शीतलहर व पाला गिरने के कारण फसलों को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है। प्रगतिशील किसान कृष्ण गोपाल सिंह, करन सिंह, शांतिभूषण शुक्ल, उस्मान खां व मारूफ व अन्य का कहना है कि पाला गिरने से आलू, सरसों, मटर व सब्जियों की खेती बर्बाद हो रही है। यदि इसी तरह पाला गिरता रहा तो काफी नुकसान झेलना पड़ेगा।
कोल्ड डायरिया व निमोनिया का शिकार हो रहे बच्चे
सर्द हवा व गलन भरी ठंड से तमाम बच्चे कोल्ड डायरिया व निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में कोल्ड डायरिया व निमोनिया से पीड़ित बच्चों की ओपीडी बढ़ गई है। जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू प्रभारी व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. महेश कुमार वर्मा ने बताया कि ठंड बढ़ने के कारण बच्चों को कोल्ड डायरिया (रोटा वायरस), निमोनिया व हाइपो थर्मिया जैसी बीमारी अधिक हो रही है। इन बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों को टीका लगवाना लाभदायक होता है। ठंड से बचाव के लिए बच्चों को गर्म वातावरण में रखें। गर्म कपड़े पहनाएं, ठंडा व बासी भोजन न दें। गर्म पेय पदार्थ का सेवन अधिक कराएं। बीमार पड़ने पर बच्चों को तुरंत अस्पताल लेजाकर विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाएं।