गोंडा। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पुरुष होने के कारण 54 कर्मियों की सेवा पर संकट खड़ा हो गया है। ऐसा तब है जब विभाग लिंगभेद मुक्ति के लिए जूनियर हाईस्कूलों में अभियान चला रहा है। सेवा से बाहर होने की कगार पर आ चुके 54 कर्मियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता व बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह को सौंपा। लेखाकार संजीव श्रीवास्तव का कहना है कि नियुक्ति के समय लिंगभेद जैसी शर्त नहीं थी। उस समय अंशकालिक शिक्षक, लेखाकार, चपरासी व चौकीदार के पदों पर महिला एवं पुरुष दोनों की नियुक्ति हुई थी। इन स्कूलों में कार्यरत सभी कर्मचारी पूरी निष्ठा और मेहनत से काम कर रहे हैं। अब लिंगभेद के नाम पर नवीनीकरण रोकना निराशाजनक है। संजीव का कहना है कि स्कूल में गैस व दूध लाने से लेकर प्लम्बर, बिजली मिस्त्री व सफाई कर्मी ज्यादातर पुरुष होते हैं। ऐसे में इन स्कूलों में पुरुष कर्मियों का होना आवश्यक है। ज्ञापन देने वालों में राजेश पांडेय, राकेश सिंह, अजय तिवारी, मनीष, अभय प्रताप सिंह, जगन्नाथ, स्वामी प्रसाद, वार्डन सरिता सिंह, किरन वर्मा, गीता सिंह, अंकिता सिंह, स्मृति सिंह, जैनब फातिमा, सरिता मिश्रा, राजित राम समेत अन्य मौजूद रहे।