थाना क्षेत्र के महंगूपुर गांव में शनिवार को शराब के खिलाफ महिलाएं सड़क पर उतर आई। विहिप व बजरंगदल के कार्यकर्ताओं के साथ लाठी डंडों से लैस महिलाओं ने अवैध रुप से संचालित हो रही शराब की तीन दुकानों को बंद करा दिया। विरोध करने पर नाराज महिलाओं ने प्रदर्शन भी किया। महिलाओं ने पुलिस से कच्ची शराब के इस अवैध कारोबार को बंद कराने की मांग की है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के मंहगूपुर,जैतपुर माझा, तुलसीपुर माझा, दुर्गागंज, माझाराठ व दुल्लापुर समेत कई गांवों में कच्ची शराब बनाने का कारोबार फलफूल रहा है। शराब के इन अवैध कारोबारियों के खिलाफ गांव के लोगों ने कई बार अंकुश लगाने की मांग की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की।
इस पर गांव की महिलाओं ने विहिप व बजरंगदल के कार्यकर्ताओं से संपर्क किया और इस कारोबार के खिलाफ मदद की गुहार लगाई। शनिवार को मंहगूपुर गांव की महिलाएं विहिप के जिलामंत्री रामशंकर शर्मा, समाजसेवी अनुराग पांडेय व बजरंग दल संयोजक मयूर शुक्ल के नेतृत्व में लाठी डंडों के साथ सड़क पर उतर आई और गांव के बाहर ढेमवाघाट मार्ग पर संचालित हो रही शराब की दुकानों को तोडना शुरू कर दिया।
आक्रोशित महिलाओं ने दुकानों में छिपाकर रखी गई शराब को नष्ट कर दिया। महंगूपुर गांव की गुडुन देवी, रंजनी सिंह, मंजू सिंह, कृष्णावती, सुनीता सिंह, संजू देवी,माया देवी, शकुन्तला, राजवंती, आरती, जग्गनाथी का कहना है कि शराब ने उनके परिवार की सारी खुशियां छीन लीं हैं। महिलाओं का आरोप है कि कुछ दिन पहले इन दुकानों को बद कराने के लिए पुलिस से फरियाद की गई लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नही की।
महिलाओं का आरोप है कि गांव का रहने वाला एक दबंग पहले तो लोगों को उधार में शराब पिलाता है और बाद में उधारी द दे पाने पर उसके घर का सामान आदि उठा ले जाता है। महिलाओं की अगुवाई कर रहे विश्व हिंदू परिषद के रामशंकर शर्मा ने बताया कि महंगूपुर गांव में इन देसी शराब की दुकानो से गांव ही नही क्षेत्र की महिलाएं पीड़ित थी। महिलाओं ने उनके संगठन से सहायता मांगी थी जिसपर उनका संगठन इन महिलाओं के साथ खड़ा है।इस मौके पर ज्ञानप्रकाश पांडेय, डॉ. अनुपम, मिंटू पांडेय, शनि समेत अन्य लोग भी मौजूद रहे।