थाना क्षेत्र के ग्राम रामनगर में मंगलवार रात डकैतों ने तीन घरों पर धावा बोलकर लाखों का माल उड़ा दिया। एक घर में वारदात के दौरान गृहस्वामी की पुत्री ने नकाबपोश डकैतों को पहचान लिया। इस पर डकैतों ने धारदार हथियार से हमला करकेे उसे मार डाला।
डकैतों की हमले में परिवार के चार अन्य लोग भी घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने अज्ञात डकैतों के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। शक के आधार पर चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
रामनगर गांव में मंगलवार देर रात मो. अली के घर में दरवाजे की कुंडी काटकर घुसे डकैत नकदी व जेवर समेत करीब 50 हजार माल उठा ले गए। इसके बाद जैसराम के घर में दीवार फांदकर घुसे बदमाश कमरे मेें रखे करीब 20 हजार रुपये कीमत के जेवर व नकदी उठा ले गए।
इसके बाद अब्बास अली के घर में पिछली दीवार फांदकर डकैत आंगन में कूदे तो अब्बास अली की पत्नी नूरजहां (50), बेटी शहरबानो (20), सकीना (17) तथा ससुर वसालत अली (75) व सास हाजिरा (70) जाग गईं। इन लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
जबकि शहरबानो ने डकैतों को चेतावनी देते हुए कहा कि मैं पहचान गई हूं, करो मनमानी कल बताऊंगी। ये सुनते ही डकैतों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर शहरबानो को मौत के घाट उतार दिया। डकैतों ने नूरजहां, सकीना, वसालत व हाजिरा को भी पीटकर लहूलुहान कर दिया और घर में रखा लाखों रुपये का कीमती सामान लूटकर भाग गए।
चीखपुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने घायलों को सीएचसी पचपेड़वा में भर्ती कराया। नूरजहां व सकीना की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। घर के मुखिया अब्बास अली रोजी-रोटी के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं। जिन्हें फोन पर घटना की जानकारी दे दी गई है।
एसओ पचपेड़वा डॉ. उपेंद्र राय ने बताया कि हाजिरा की तहरीर पर अज्ञात डकैतों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही छानबीन की जा रही है। शक के आधार पर चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।