नगर कोतवाली क्षेत्र के मझवा जानकीनगर गांव में बुधवार की रात चोर समझकर ग्रामीणों ने एक युवक को लाठियों से पीट-पीट कर मार डाला। मरने वाले युवक की न तो अब तक शिनाख्त हो पाई है और न ही यह पता चल पाया है कि वह मझवा जानकीनगर में क्या करने आया था। फिलहाल पुलिस गांव के छह लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है।
कोतवाल नगर अभय प्रताप मल्ल का कहना है कि उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही युवक की शिनाख्त के अलावा गांव के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
शहर से सटे गांव मझवा जानकीनगर में बुधवार की रात एक 30 वर्षीय अज्ञात युवक को गांव में घूमता देख गांव वालों ने उसकी लाठी-डंडों से इस कदर पिटाई कर दी कि उसकी मौत हो गई।
सुबह जब मामले की भनक कोतवाली नगर पुलिस को हुई तो वह मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से इस संबंध में जानकारी हासिल की। लेकिन गांव का कोई भी व्यक्ति कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस ने युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही गांव के छह लोगों को कोतवाली लाकर उनसे पूछताछ कर रही है।
नगर कोतवाल अभय प्रताप मल्ल का कहना है कि गांव वालों से मृतक युवक के संबंध में किसी तरह की कोई जानकारी उन्हें नहीं मिली है और न ही यह पता चल पाया है कि वह कहां का रहने वाला है। इसलिए उसकी शिनाख्त कराई जा रही है।
गांव के कुछ लोगों से इस बारे में पूछताछ के लिए उन्हें कोतवाली लाया गया है। उनके मुताबिक युवक की हत्या के असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चलेगा।
मझवा जानकीनगर में बुधवार की रात पीट-पीट कर कर जिस अज्ञात युवक की हत्या की गई, उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले हैं। बताया जाता है कि मरने वाले युवक को लाठी-डंडों से इतना पीटा गया कि उसका शरीर कई जगहों पर काला पड़ गया।
चार साल पहले मनकापुर रेलवे स्टेशन पर पानी पीने के लिए उतरा एक यात्री रास्ता भटककर एक गांव पहुंच गया था। जहां चोर समझकर ग्रामीणों ने उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी।
ठीक वैसी ही वारदात की पुनरावृत्ति बुधवार की रात मझवा जानकीनगर गांव में हुई। इन दोनों घटनाओं में सब कुछ पहले जैसा ही है।
अंतर है तो सिर्फ इतना कि उस घटना में मरने वाले युवक की पहचान उसकी जेब से मिले आईडी कार्ड से हो गई थी, जबकि इस घटना में युवक की पहचान नहीं हो सकी है।