तालेपुर गांव मोड़ के पास मंगलवार दोपहर मवेशी लदा डीसीएम अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। जिससे डीसीएम में सवार व्यापरियों के दो
बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे में डीसीएम में लदी दो भैंसे भी दबने से मर गईं। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोतवाली करनैलगंज क्षेत्र के हरिगंवा गांव के मजरे इंछापुरवा के रहने वाले फैय्याज एवं जाबिर मवेशियों की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं। दोनों ने मंगलवार को एक डीसीएम में मवेशियों की लोडिंग कराई थी। जिन्हें बाराबंकी के मसौली बेचने के लिए भेजना था।
डीसीएम में फैय्याज का बेटा मन्नू (14) एवं जाबिर का बेटा इंतजार अली (15) भी मवेशियों के साथ पीछे बैठे थे। डीसीएम दोपहर में बाराबंकी के मसौली के लिए करनैलगंज से रवाना हुई थी। गोंडा-लखनऊ मार्ग पर भंभुवा पुलिस चौकी के समीप तालेपुरवा गांव मोड़ के पास डीसीएम अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गड्ढे में चलट गई।
जिससे मन्नू व इंतजार अली की डीसीएम के नीचे दबकर मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दो भैंस भी मर गईं। हादसे की सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी भंभुवा विजय प्रताप सिंह ने शवों को निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चौकी प्रभारी ने बताया कि अभी कोई तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
हरिगंवा गांव के मजरे इंछापुरवा के रहने वालों मन्नू व इंतजार अली के हादसे में मौत की खबर उनके घर पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। मासूमों के मौत की खबर सुनकर गांव के तमाम लोग वहां एकत्र हो गए। बच्चों के परिवार वालों को लोग ढांढस बंधाने में लगे रहे। मन्नू के पिता फैय्याज उसकी मां आमिना अपने बेटे की मौत से टूट गए। यहीं हाल इंतजार अली के पिता जाबिर और उनकी पत्नी खैरुलनिशां का है। दोनों को रो-रोकर हाल बेहाल है।