चोरी के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध चल रहे एक बंदी को बीमारी की हालत में जेल प्रशासन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार की भोर में बंदी सिपाहियों को चकमा देकर अभिरक्षा से फरार हो गया।
अभिरक्षा में लगे एक सिपाही ने बंदी के खिलाफ कोतवाली नगर में फरार होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस अधीक्षक ने अभिरक्षा में लगे सिपाहियों को लापरवाही बरतने के मामले में सस्पेंड कर दिया है।
जिला कारागार में विभिन्न मामलों में निरुद्ध चल रहे सात बंदियों को बीमारी की हालत में 26 मार्च को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां छह बंदियों को इलाज के बाद जिला कारागार वापस भेज दिया गया। मगर कोतवाली मनकापुर क्षेत्र के चौबेपुर गांव के रहने वाले बंदी रज्जन गिरी उर्फ रोजन का इलाज चल रहा था।
रज्जन को 14 जुलाई 15 को कोतवाली मनकापुर के एसआई शैलेश पांडेय ने चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। बंदी रज्जन की अभिरक्षा में कोतवाली मनकापुर में तैनात सिपाही भानुप्रताप सिंह व चंद प्रकाश शर्मा को लगाया गया था।
शनिवार की भोर दो सिपाहियों को चकमा देकर बंदी रज्जन अभिरक्षा से फरार हो गया। इस मामले में सिपाही भानुप्रताप सिंह ने कोतवाली नगर में बंदी रज्जन गिरि के खिलाफ फरार होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस अधीक्षक बंदी की अभिरक्षा में लगे सिपाही भानुप्रताप सिंह व चंद प्रकाश शर्मा को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया है।