घर से जीप का सेल्फ लेने गए एक युवक की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सतेन्द्र कुमार ने पति-पत्नी समेत तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा व दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार सिंह के मुताबिक थाना परसपुर क्षेत्र के पसका गांव के मजरे वैश्यपुरवा के रहने वाले जगन्नाथस सिंह पुत्र बेचई सिंह ने थाना परसपुर में 13 जुलाई 2014 को अरुण कुमार दूबे पुत्र सूरज प्रसाद दूबे, फूलमती पत्नी अरुण कुमार दूबे निवासी पुरानी सब्जी मंडी करनैलगंज व रवि कुमार गुप्ता पुत्र माता प्रसाद गुप्ता निवासी मोहल्ला शाननगर परसपुर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें कहा गया कि उसका बेटा हितेश कुमार सिंह (22) 11 जुलाई 2014 की सुबह छह बजे जीप का सेल्फ लेने घर से करनैलगंज गया था। मगर वह वापस नहीं लौटा। उसका मोबाइल भी बंद था। इसके बाद 12 जुलाई 2014 को करनैलगंज एवं परसपुर बाजार में तलाश किया गया।
मगर उसका पता नहीं चला। 13 जुलाई 2014 की सुबह दोबारा हितेश के मोबाइल पर फोन मिलाया तो एक युवती ने उठाया उसने अपना नाम गुडिय़ा बताया और बताया कि हितेश मर चुका है।
जगन्नाथ सिंह ने कहा कि अरुण कुमार दूबे अपनी पत्नी फूलमती व रवि कुृमार गुप्ता के साथ मिलकर हितेश की हत्या कर दी। सत्र परीक्षण के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने हितेश कुमार सिंह की हत्या में अभियुक्त अरुण कुमार दूबे, फूलमती व रवि कुमार गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा व दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।