क्षेत्र में तीन माह पहले हुई लूट की घटना में एससी-एसटी आयोग का चाबुक पड़ने के बाद पुलिस ने बीते दिन आरोपी सिपाही देवेंद्र यादव व आठ अज्ञात वर्दीधारी लोगों के खिलाफ लूट की रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़ित महिला ने धानेपुर थाने में तैनात एक सिपाही पर लूट में शामिल होने व उसे थाने में पहचान लेने के बाद उसके खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी थी।
पुलिस के कार्रवाई न करने पर पीड़िता ने अनुसूचित जाति आयोग में गुहार लगाई। इस पर आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छह जुलाई को थानाध्यक्ष को तलब किया था। धानेपुर थाना क्षेत्र के दुल्हापुर गांव में बीती 13 अप्रैल की रात पुलिस की वर्दी में आए करीब 10 बदमाशों ने प्रमोद कुमार के घर पर लूटपाट की थी। घटना के समय प्रमोद की पत्नी रंजना अपनी आठ वर्षीय बेटी के साथ घर में सो रही थी।
रंजना के मुताबिक पुलिस वर्दी में आए लुटेरे उसके घर से 35 हजार रुपये समेत करीब एक लाख के जेवर लूट ले गए थे। रंजना जब दूसरे दिन सुबह घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए धानेपुर थाने पर पहुंची तो वहां मौजूद सिपाही देवेंद्र यादव को पहचान लेने का दावा करते हुए उसने सिपाही पर लूट में शामिल होने का आरोप लगाया। सिपाही का नाम आने के बाद पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय उसे थाने से भगा दिया।
इसके बाद पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से भी मामले की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर रंजना ने एससी-एसटी आयोग की शरण ली। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आठ जून को थानाध्यक्ष को आयोग में तलब किया। आयोग की चेतावनी के बाद कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी सिपाही को 12 जून को पुलिस अधीक्षक ने लाइन हाजिर कर दिया, लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई।
इस मामले में आयोग ने एक बार फिर छह जुलाई को थानाध्यक्ष धानेपुर को रिपोर्ट के साथ आयोग में पेश होने का निर्देश दिया। आयोग के कडे़ रुख के बाद धानेपुर पुलिस ने रविवार को आरोपी सिपाही देवेंद्र यादव व आठ अज्ञात वर्दीधारियों के खिलाफ घर में घुसकर लूटपाट करने की रिपोर्ट दर्ज की है। थानाध्यक्ष देवेंद्र पांडेय ने बताया कि रंजना की तहरीर पर सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।