धानेपुर थाना क्षेत्र के रेतवागाडा गांव के रहने वाले एक जालसाज ने सदर तहसीलदार का पेशकार बताकर धानेपुर बाजार के रहने वाले छह गरीब परिवारों को आवासीय पट्टा दिलाने के नाम पर 30 हजार रुपये ठग लिए और चंपत हो गया। किसी तरह इन लोगों ने जब युवक को पकड़कर पुलिस को सौंपा तो पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय आरोपी को छोड़ दिया। शनिवार को जब ठगी के शिकार हुए पीड़ित थाना समाधान दिवस में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे तो उन्हें गेट से अंदर नहीं जाने दिया गया।
धानेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत धानेपुर के रहने वाले इमामुद्दीन ने बताया कि उसके पास रहने के लिए मकान न होने के कारण वह इंदिरा नगर के पास किराये के मकान में परिवार समेत रहता है। इमामुद्दीन का कहना है कि कुछ दिन पहले रेतवागाड़ा गांव के मजरा चिड़ियापुर का रहने वाला एक युवक उसके पास आया और अपने को सदर तहसीलदार का पेशकार बताते हुए उसे जमीन का आवासीय पट्टा दिलाने की बात कही।
युवक की बातों में आकर इमामुद्दीन ने उसे आवासीय पट्टा कराने के लिए 10 हजार रुपये दे दिये। इमामुद्दीन के साथ उसके पड़ोस में रहने वाले अनिल कुमार, संतोष कुमार, राम पदारथ प्रभु व आलिया खातून से भी उस जालसाज युवक ने पट्टा दिलाने के नाम पर 3 से 5 हजार रुपये वसूल लिए और चंपत हो गया।
कुछ दिनों तक खोजबीन करने के बाद जालसाज युवक इन पीड़ितों के हत्थे चढ़ गया तो सभी लोग उसे पकड़कर थाने ले आए और पुलिस को घटना बताते हुए जालसाज को पुलिस के हवाले कर दिया। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने देर रात उसे थाने से छोड़ दिया।
इस संबंध में थानाध्यक्ष धानेपुर रामाश्रय राय का कहना है कि मामला संज्ञान में है। दोनो पक्षों में समझौते के बाद आरोपी युवक ने पैसा वापस करने के लिए कुछ दिनों का समय मांगा था, इसलिए उसे छोड़ा गया था। जल्द ही पीड़ितों का पैसा वापस दिलाया जाएगा।