पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाने के नाम पर की जा रही अवैध वसूली से नाराज जवानों का धैर्य मंगलवार को जवाब दे गया। नाराज जवानों ने युवा कल्याण अधिकारी को कमरे में बंद कर जमकर पीटा।
जवानों ने युवा कल्याण अधिकारी पर बकाया मानदेय देने के लिए रिश्वत मंगने का आरोप लगाया है। वही युवा कल्याण अधिकारी का कहना है कि पीआरडी गार्ड उन पर ड्यूटी स्लिप पर जबरन हस्ताक्षर कराना चाह रहे थे।
जब उन्होंने इंकार किया तो सब मारपीट करने लगे। दो गार्डो ने उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए कार्यालय में रखा अभिलेख फाड़ दिया। इस मामले में युवा कल्याण अधिकारी ने 2 पीआरडी जवानों के खिलाफ कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विभिन्न सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए युवा कल्याण विभाग से तैनात पीआरडी गार्डों की ड्यूटी लगाई जाती है। गार्ड शेष नरायन कन्हैयालाल, कपिलदेव,बाबू व फुलेराज का कहना है कि एक मार्च को उनकी ड्यूटी विद्युत वितरण उपखंड तृतीय में लगाई गई थी।
मंगलवार को वह सभी लोग ड्यूटी स्लिप पर हस्ताक्षर कराने व अपने बकाया मानदेय के भुगतान की मंाग के लिए विकास भवन स्थित युवा कल्याण विभाग गए थे। इन जवानों ने बताया कि जब वह कार्यालय पहुंचे तो युवा कल्याण अधिकारी कमरे में बैठकर बीयर पी रहे थे।
गार्डों का आरोप है कि जब उन लोगों ने बकाया मानदेय का भुगतान करने व ड्यूटी स्लिप पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा तो उन्होंने प्रति गार्ड से 500 रुपये की मांग की। वहीं युवा कल्याण अधिकारी प्रबोध कुमार का आरोप है कि मंगलवार को वह अपने कमरे में बैठे हुए थे कि तभी पीआरडी जवान शेष नरायन तिवारी व कपिलदेव आ धमके और जबरन ड्यूटी स्लिप पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने लगे।
जब उन्होंने मना किया तो दोनो हाथापाई पर उतारू हो गए। दोनों ने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और उन्हें जातिसूचक शब्दों से संबोधित करते हुए मारापीटा। साथ ही जान से मारने की धमकी देते हुए कार्यालय में रखा अभिलेख फाड़ दिया। इस मामले में युवा कल्याण अधिकारी ने कोतवाली नगर में दोनो जवानों के खिलाफ सरकारी कर्मचारी पर हमला करने, काम में बाधा डालने व एससीएसटी एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाल बृजेश सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।