काश! सूबे के कैबिनेट मंत्री आजम खां की भैंस की तरह रामफेर की चोरी गई भैंस भी ढूंढकर पुलिस बरामद करती तो प्रदेश से सिर्फ मवेशियों की ही नहीं, बाकी अन्य चोरियां भी बंद हो गईं होतीं। लेकिन जिले की पुलिस ने रामफेर क ी भैंस बरामद करनी तो दूर आज तक उसकी रिपोर्ट तक दर्ज नही की। ऐसे अन्य मामलोें में भी पुलिस का यही रवैया है।
सूबे के पूरे पुलिस महकमे की कार्यशैली एक जैसी है। पुलिस वीआईपी व प्रभावशाली व्यक्ति के क ार्य में जितनी तेजी दिखाती है, उतनी आम आदमी के किसी भी कार्य में रुचि नहीं लेती। इसका आजम खां की भैंस चोरी का ताजा व चर्चित मामला है।
सभी जानते हैं कि प्रदेश के कद्दावर मंत्री आजम खां की भैंस चोरी होने के 24 घंटे में पुलिस ने सभी सात भैंसों को बरामद कर लिया था। अब हाल ही में भैंस चोरी के मामले में पुलिस की लिस्ट के मोस्टवांटेड मुरादाबाद के छुन्नन को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपाने वाली पुलिस आम लोगों के मामले में ऐसा नहीं करती है।
इसका अंदाजा जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दुलहापुर निवासी रामफेर की भैंस चोरी के मामले से लगाया जा सकता है। रामफेर ने बताया कि उनकी दो माह पहले करीब 40-40 हजार रुपये की दो भैंसें व एक पड़िया चोरी हो गई थीं।
वह जब थाने भैंस चोरी की रिपोर्ट लिखाने गए तो पुलिस ने तहरीर तो ले ली, लेकिन दो माह भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। कई बार मिलने के बाद पुलिस सिर्फ इंतजार और कार्रवाई करने का आश्वासन दे रही है। रामफेर की भैंस चोरी की कार्रवाई सिर्फ बानगी है, ऐसे तमाम मामलों को पुलिस दबा चुकी है।
जिले में पशु चोरी की वारदातें काफी समय से हो रही हैं। इस पर कभी प्रभावी कदम न उठाए जाने से पशुओं की लगातार चोरी हो रही है। पशुपालकों व कारोबारी सूत्रों की मानें तो जिले में हर साल करीब 150 से 200 मवेशियों की चोरी होती है। ये वे मवेशी हैं जो पशुपालकों के हैं। इसके अलावा इतने ही मवेशी ऐसे होंगे जो आवारा पशु हैं।
पशुपालक मवेशियों की चोरी होने से काफी दुखी हैं। ग्राम भदुआ तरहर के पशुपालक सीताराम का कहना है कि पशु चोरी रोकी जानी चाहिए, क्योंकि किसान के पास वही बड़ा धन है। उसके चोरी होने से उसे आर्थिक चपत लगती है। राकेश कुमार ने बताया कि पशु चोरी करने वाले को फांसी दी जानी चाहिए।
एक तो वह पशुओं को वध के लिए बेच देते हैं। दूसरे पशु की चोरी होने से उस पशुपालक की बड़ी क्षति हो जाती है। पशुओं से कई तरह से पशुपालकों की आय जुड़ी होती होती है। पुलिस को चाहिए कि ऐसे मामले में निष्पक्षता से कार्रवाई करे।
पुलिस को निर्देश दिए जा चुके हैं कि छोटी से छोटी घटनाओं में केस दर्ज करे। मवेशियों की चोरी रोकने के प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। पशुओं की चोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -आरपीएस यादव, एसपी गोंडा