। गत पंचायत चुनाव में फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित वार्ड से चुनाव लड़कर जीतने वाले जिला पंचायत सदस्य तथा जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले तत्कालीन तहसीलदार व लेखपाल के खिलाफ रेहरा बाजार थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई डीजीपी के आदेश पर की गई है।
शुक्रवार को रेहरा बाजार थानाध्यक्ष राज कुमार यादव ने बताया कि जिला पंचायत वार्ड संख्या 39 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। वर्ष 2015 में इस वार्ड से पंडित राम नरेश ने ब्राहमण होने के बाद भी फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर चुनाव लड़ा और विजयी हुए। सरायखास निवासी भाजपा नेता अनिल श्रीवास्तव ने मामले की शिकायत पुलिस उच्चाधिकारियों से की थी। जांच के बाद पुलिस यह मामला काफी दिनों तक दबाए रखी।
गत दिनों अनिल ने मामले की शिकायत डीजीपी उत्तर प्रदेश से की। मामले की जांच में यह पाया गया कि सराय खास निवासी पंडित राम नरेश मूल रूप से ब्राहमण हैं। उन्होंने कूट रचना कर फर्जी ढंग से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाया था। डीजीपी के निर्देश पर जिला पंचायत सदस्य पंडित राम नरेश तथा तत्कालीन तहसीलदार तथा लेखपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।