हालांकि, पुलिस सूचना न होने का बहाना बनाकर अपना पिंड छुड़ा रही है। जबकि, ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस को सूचना समय से दे दी गई थी। यही नहीं नवविवाहिता की मौत पर रहस्य बरकरार है। नवविवाहिता ने सुसाइड किया या फिर उसे मार कर लटकाया गया। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर इसकी जांच की जाएगी।
कोतवाली करनैलगंज क्षेत्र के करुवा गांव के मजरे शनिचरापुरवा के रहने वाले रिंकू गोस्वामी की पत्नी सरोजा (22) का शव उसके घर से 25 मीटर की दूरी पर बुधवार की सुबह सिरसा के पेड़ से लटकता मिला। रिंकू ने बताया कि मंगलवार की रात खाना खाने के बाद वह कमरे में सो गया। पास में ही उसकी पत्नी भी सो रही थी। रिंकू के मुताबिक बुधवार की सुबह जब वह सोकर उठा तो उसकी पत्नी घर में नहीं थी।
बाहर निकला तो उसका शव पेड़ से लटकता मिला। सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक परिवार व गांव के लोगों ने पुलिस को खबर नहीं दी। सबसे चौंकाने वाला तो ये रहा कि महिला का शव देर शाम 12 घंटे तक लटकता रहा, लेकिन परिवार के साथ ही गांव वालों व पुलिस की संवेदना नहीं जागी। कड़ाके की ठंड से नवविवाहिता का शव अकड़ गया।
मीडिया कर्मियों ने शव उतारे जाने से पहले शव लटका होने की सूचना देते हुए कोतवाल करनैलगंज से महिला की हत्या या आत्महत्या पर सवाल किया तो जानकारी न होने की बात कहकर वह जिम्मेदारी से बचते रहे। सीओ के निर्देश पर बाद में जब कोतवाल गंाव पहुंचे तो उससे पहले ही परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
सीओ करनैलगंज शबीहुल हम्द ने बताया कि सूचना मिली है, कोतवाल को गांव भेजा गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली करनैलगंज के प्रभारी निरीक्षक बृजकिशोर यादव ने बताया कि जब वह गांव पहुंचे तो महिला के परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला। परिवार वालों ने शव को जला दिया था।
थाना इटियाथोक क्षेत्र के केतईयाजोत के सोहनलाल की बेटी सरोजा के मायके वालों को बेटी के मौत की जानकारी मिली या नहीं इसकी सूचना भी पुलिस के पास नहीं है। कोतवाली का कहना है कि उन्हें किसी ने पेड़ से लटके होने की जानकारी नहीं दी गई। महिला ने सुसाइड किया या फिर उसे किसी ने मार कर लटकाया। इस बारे में शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।
पुलिस पर उठे सवाल
पुलिस पर संवेदनहीनता के साथ कर्तव्यनिष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि उन्हें 12 घंटे बाद नवविवाहिता के पेड़ से लटके होने की सूचना मिली। सीओ द्वारा जब सूचना मिली तब तक ग्रामीणों ने नवविवाहिता के शव का अंतिम संस्कार करवा दिया था। इससे साफ है कि प्रभारी निरीक्षक का सूचना तंत्र फेल है। एक नवविवाहिता 12 घंटे पेड़ पर लटकी रही, मगर उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। या फिर जानबूझ कर उन्होंने मामले को टरकाया।
प्रभारी निरीक्षक के कार्यशैली पर इसलिए भी सवाल उठता है कि मौके पर पहुंचने के बाद भी कार्रवाई करने के बजाए उन्होंने शिकायत मिलने पर जांच की बात कही। जबकि, नियमानुसार बिना पोस्टमार्टम के परिवारीजन शव का अंतिम संस्कार नहीं कर सकते। यह भी अहम बात है कि गांव में होने वाली छोटी-बड़ी वारदात की सूचना के लिए चौकीदार की तैनाती है। चौकीदार ऐसी सूचना थानों की पुलिस को मुहैय्या कराते हैं। मगर इस मामले में न तो चौकीदार और न ही बीट सिपाहियों ने सजगता दिखाई। दोनों जिम्मेदारी निभाने से बचते रहे।