दहेज में मोटरसाइकिल की मांग पूरी न होने पर बहू को जलाकर मार डालने के आरोप में अपर सत्र/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट महेश नौटियाल ने मां-बेटे को 10-10 साल की सजा सुनाते हुए अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला खरगूपुर थाना क्षेत्र के लोनावा गांव का है। एडीजीसी अंबरीश कुमार यादव के मुताबिक उम्मेदजोत गांव निवासी मो. असलम ने अपनी पुत्री सरीकुन निशा की शादी वर्ष 2007 में लोनावा गांव निवासी मो. असलम के साथ की थी। लेकिन शादी के बाद से उसके ससुराल वाले दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर उनकी पुत्री सरीकुन निशा को आए दिन प्रताड़ित किया करते थे।
आठ मार्च 2013 को दहेज में मोटरसाइकिल की मांग पूरी न होने पर उसके ससुराल वालों ने उसे जलाकर मार डाला। जिसकी रिपोर्ट पीड़ित पक्ष की ओर से खरगूपुर थाने में दर्ज कराई गई थी। मामला अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट के न्यायालय में पहुंचने के बाद दोनों पक्षों का बयान हुआ।
जिसके आधार पर बीते दिन अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश महेश नौटियाल ने फैसला सुनाते हुए मामले में मृतका सरीकुन निशा के पति असलम व सास आसिया बेगम को 10-10 साल की सजा व अर्थदंड से दंडित किया।