जिलाधिकारी ने बिना अनुमति के ही भुगतान करने के आरोप मे विकास खण्ड कार्यालय पण्डरीकृपाल में मनरेगा पटल पर तैनात सहायक लेखाकार कृष्ण कुमार मिश्र के खिलाफ सोमवार को एफआईआर दर्ज कराई गई है। सहायक लेखाकार ने बिना अनुमति के ही 99.21 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है।
विकास खण्ड कार्यालय पण्डरीकृपाल में मनरेगा पटल पर सहायक लेखाकार के पद पर तैनात कृष्ण कुमार मिश्रा निवासी पिरवरतारा ने बीडीओ पण्डरीकृपाल के डोंगल जो कि बीडीओ द्वारा शादी अनुदान योजना में लाभार्थी के खाते में धनराशि भेजने के लिए रूपईडीह के वरिष्ठ सहायक को दिया था।
सहायक लेखाकार द्वारा डोंगल को विकास खण्ड पण्डरीकृपाल के नाम से रजिस्टर्ड कराकर दिसंबर 2016 में 99.21 लाख का भुगतान कर दिया इसमें बीडीओ पण्डरीकृपाल के बिना अनुमति के मनरेगा योजना एवं क्षेत्र पंचायत सामग्री मद में भुगतान कर दिया गया।
डीएम द्वारा जांच के निर्देश में इस बात का खुलासा हुआ कि सहायक लेखाकार द्वारा डीएम के निर्देश के बावजूद उसके द्वारा सूचना नहीं उपलब्ध कराई गई। मामले की पड़ताल करने पर ज्ञात हुआ कि सहायक लेखाकार द्वारा फर्जी तरीकों से अभिलेखों में हेराफेरी करके भुगतान किया गया है।
भुगतान सम्बन्धी रिपोर्ट मांगने पर सहायक लेखाकार द्वारा साक्ष्य भी मिटाने का प्रयास किया गया। जिलाधिकारी ने प्रकरण को अत्यन्त गम्भीर मानते हुए बीडीओ को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। कोतवाली नगर में सहायक लेखाकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।