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मारपीट की पुलिस में शिकायत करने पर राजाराम की पीट-पीटकर हत्या करने के आरोपी बाप-बेटों समेत चार अभिुयक्तों को अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ संजय कुमार शुक्ल ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
थाना नवाबगंज क्षेत्र के सुभागपुर गांव की रहने वाली शंाति पत्नी राजाराम ने 6 जून 2015 को थाना नवाबगंज में सुभागपुर गांव के रहने वाले रियाजुल हसन उर्फ अच्छन पुत्र मंजुल हसन, फहीम, अलीम पुत्र रियाजुल हसन उर्फ अच्छन व शिवकुमार पुत्र सीताराम निवासी हरिहरपुर थाना नवाबगंज के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें कहा कि 5 जून 2015 को उसके घर पर शोभाराम के बेटी की शादी थी, जिसमें अभियुक्त आए थे, यहां उसके पति राजाराम से अभियुक्तों ने झगड़ा कर लिया उन्हें मारापीटा और जान से मारने की धमकी देकर चले गए। दूसरे दिन 6 जून 2015 की दोपहर लोहे की राड, फरसा व असलहा लेकर उसके घर पर आ धमके और उसके पति को मारने-पीटने लगे, पति को बचाने शांति और उसकी बेटी गुड़िया को भी मारपीटा।
जिससे उन्हें चोटें आई। इस बीच अभियुक्तों ने राजाराम की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सत्र परीक्षण के अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ने अभियुक्त रयाजुल हसन उर्फ अच्छन, फहीम, अलीम व शिवकुमार को राजाराम की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। अदालत ने अभियुक्तों को 25-25 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।