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दुराचारी को आजीवन कारावास

Thu, 03 Sep 2015 10:32 PM IST
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
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फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुराचार के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एफटीसी न्यायाधीश ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायाधीश ने पीड़िता को डेढ़ लाख रुपये मुआवजा अदा करने का आदेश भी आरोपी को दिया है।
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उतरौला कोतवाली क्षेत्र के फत्तेपुर गांव निवासी रहमतउल्ला उर्फ छोटन के खिलाफ पीड़िता की मां ने 31 अक्टूबर 2010 को रिपोर्ट लिखाई थी। पीड़िता की मां ने तहरीर में कहा था कि उसकी नाबालिग लड़की को गन्ने के खेत में ले जाकर रहमतउल्ला ने दुराचार किया।

इसके बाद पुलिस ने रहमतउल्ला के खिलाफ दुराचार के आरोप में मुकदमा लिखकर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस मुकदमे का सत्र परीक्षण एफटीसी कोर्ट में शुरू हुआ। मुकदमे के परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता रवींद्र यादव ने सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया।
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पत्रावली का अवलोकन व साक्ष्यों के आधार पर एफटीसी न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिंह ने रहमतउल्ला को नाबालिग से दुराचार का दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास तथा 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही न्यायाधीश ने पीड़िता को डेढ़ लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया।

अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। न्यायाधीश ने आदेश दिया है कि यदि आरोपी डेढ़ लाख रुपये मुआवजा पीड़िता को अदा नहीं करता है तो उसकी चल-अचल संपत्ति जब्त करके पीड़िता को मुआवजा दिलाया जाए।
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