गन्ना किसानों का 90 करोड़ रुपये से अधिक दबाए बैठी कुंदुरखी बजाज हिन्दुस्थान चीनी मिल के वाइस चेयरमैन एवं जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर समेत मिल के छह अधिकारियों पर अब पुलिस की जांच का शिकंजा कसने लगा है।
चीनी मिल पर किसानों की बकाएदारी न दिये जाने में उसके अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामले की जांच कर रहे आईओ ने विभागों से संबंधित कागजात लिए हैं। उन्होंने जांच शुरू कर दी है। वहीं धोखाधड़ी समेत कई गंभीर मामलों के आरोपी कुशाग्र बजाज समेत चीनी मिल के सभी अधिकािरयों पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है।
जिले के कुंदुरखी बजाज हिन्दुस्थान चीनी मिल गन्ना किसानों का कई माह से करीब 90.43 करोड़ रुपये अधिक दबाए बैठी है।
डीएम के आदेश पर एक माह पहले गन्ना विकास निरीक्षक विक्रम बहादुर सिंह की ओर से मोतीगंज थाने में बजाज चीनी मिल के वाइस चेयरमैन एंव संयुक्त प्रबंध निदेशक कुशाग्र बजाज, डीएफओ वीपी अग्रवाल, ग्रुप आफ ऑपरेशंस एके गुप्ता, अध्यासी एंव वाइस प्रेसीडेंट आलोक श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबन्धक वित्त एंव लेखा एसएन शुक्ला व प्रबन्धक वित्त एवं लेखा धमेंद्र सिंह के खिलाफ आपस में षडयंत्र कर किसानों का आर्थिक शोषण करने, भुगतान न देकर किसानों के साथ धोखाधड़ी व विश्वासघात करने के अलावा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
लेकिन इस हाई प्रोफाइल केस में मोतीगंज पुलिस एक माह से चुप्पी साधे रही। इस मामले की जांच में मोतीगंज पुलिस की ढिलाई को लेकर अमर उजाला ने ‘रु. 90 करोड़ के लिए भटक रहे 61 हजार किसान’ शीर्षक से चार दिन पहले प्रमुखता से खबर छापी थी। आखिरकार मिल के जिम्मेदारों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की आईओ विजय प्रताप सिंह ने जांच शुरू कर दी है।
उन्होंने किसानों का चीनी मिल पर कितना बकाया है, उसके भुगतान के बाबत शासन की ओर से क्या गाइड लाइन जारी की है, जिला प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की गई आदि के बाबत कागजात हासिल किए हैं। वहीं चीनी मिल के सभी अधिकारी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले के सभी दोषी मिल से नदारद हैं। इनकी लोकेशन तलाशने के काम पर कार्रवाई शुरू की जाएगी। सभी अधिकारियों के फोन नंबर बंद हैं।