छपिया थाना क्षेत्र के बेलहरी गंाव में चुनावी रंजिश को लेकर गांव के प्रधान पति व उनके चचेरे भाई पर बाजार से घर लौटते समय विपक्षियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया और दोनों को पीटकर अधमरा कर दिया।
दोनों घायलों को इलाज के लिए लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां गंभीर रूप से घायल प्रधान पति की मौत हो गई। इस मामले में ग्राम प्रधान ने गांव के ही आधा दर्जन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
छपिया थाना क्षेत्र के बेलहरी बुजुर्ग गांव के रहने वाले दीपनरायन पिछले 10 वर्षों से गांव के प्रधान थे। इस बार महिलाओं के लिए सीट आरक्षित होने के कारण उन्होंने अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाया था। समाज में छवि अच्छी होने के चलते वह अपनी पत्नी को भी चुनाव जीताने में सफल रहे थे।
ग्राम प्रधान चंद्रावती का कहना है कि चुनाव में हारने के बाद गांव के रहने वाले ओंकार व उसके साथी उनके पति से रंजिश रखने लगे थे। ग्राम प्रधान का कहना है कि मंगलवार को उनके पति अपने चचेरे भाई हरिपाल के साथ बभनान बाजार गए थे और वहां से रात में करीब नौ बजे अपनी बाइक से दोनों लोग वापस लौट रहे थे।
दीपनरायन के साथ बाजार गए उनके चचेरे भाई हरिपाल ने बताया कि बाजार से लौटते समय वह मेहनियां गांव के पास पहुंचे थे कि दो बाइकों पर सवार आधा दर्जन लोगों ने उन्हें घेर लिया। सभी लोग लाठी-डंडों से लैस थे। जब तक वह लोग कुछ समझ पाते सभी लोगों ने एक साथ दोनों पर हमला बोल दिया। हरिपाल का कहना है कि सभी हमलावर दीपनरायन पर टूट पड़े और उन्हें लाठियों से जमकर पीटा।
विरोध करने पर हमलावरों ने हरिपाल को भी बुरी तरह पीटा। दोनों की चीखपुकार सुनकर जब पास के गांव के लोग दौड़े तो हमलावर भाग निकले। सूचना पर पहुंचे परिवारीजन आननफानन दोनों लोगों को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे जहां से डॉक्टरों ने दोनों की गंभीर हालत देखते हुए लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। परिवारीजनों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।
जहां गंभीर रूप से घायल प्रधान पति दीपनरायन की देर रात में मौत हो गई। जबकि हरिपाल का इलाज चल रहा है। इस मामले में दीपनरायन की पत्नी चंद्रावती ने गांव के ही आधा दर्जन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए छपिया थाने में तहरीर दी है। छपिया के थानाध्यक्ष पवन कुमार सिंह ने बताया कि गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनाती की गई है।