देहात कोतवाली क्षेत्र के डोमाकल्पी गांव के मजरा परिहार पुरवा में बीती देर रात जेल जाने के डर से एक किसान ने गांव के पास ही नीम के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह परिवारीजनों को घटना की जानकारी हुई तो उनमें हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बताया जाता है कि देहात कोतवाली क्षेत्र के डोमाकल्पी गांव के मजरा परिहार पुरवा के रहने वाले मोतीलाल (50) ने जेल जाने के डर से सोमवार देर रात गांव के समीप ही एक नीम के पेड़ से रस्सी के सहारे फांसी पर लटककर जान दे दी।
मंगलवार सुबह पशुओं को चराने गए चरवाहों ने पेड़ पर उसका शव लटका देखा तो ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद तमाम लोग मौके पर जुट गए। मोतीलाल की पत्नी रामराजी ने बताया कि उनके पति ने इसी गांव के ही रहने वाले एक व्यक्ति को 21 बिस्वा भूमि का बैनामा किया था।
बाद में उसी भूमि का बैनामा एक और व्यक्ति को कर दिया। रामराजी के मुताबिक पहले बैनामा कराने वाले व्यक्ति ने उसके पति के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें मोतीलाल को छह माह तक जेल में रहना पड़ा था। एक माह पहले ही वह जेल से रिहा हुए थे।
रामराजी ने बताया कि इसी मुकदमे की 25 जून को अदालत में सुनवाई होनी थी। मोतीलाल को सुनवाई के दौरान जेल न जाना पड़े, इसका डर सताने लगा था। रामराजी के मुताबिक उसके पति ने जेल जाने के डर से ही फांसी लगाकर जान दे दी।
सूचना मिलने के बाद गांव पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। देहात कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले मेें कार्रवाई की जाएगी।