एक्सप्रेस ट्रेनों को सुपरफास्ट बताकर प्रतिदिन यात्रियों से अतिरिक्त धनराशि वसूलने का रविवार को भांडा फूट गया। रेल अधिकारी की जांच में एक बुकिंग क्लर्क व एक टीसी यात्रियों से ठगी करते हुए रंगे हाथ पकड़े गए। इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
गौरतलब है कि गोंडा आदर्श रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब दो हजार यात्रियों से सुपरफास्ट टिकट के नाम पर ठगी की जाती है और करीब 20 से 30 हजार रुपये यात्रियों को चूना लगाया जाता है। देवीपाटन मंडल मुख्यालय का आदर्श स्टेशन पर गरीब यात्रियों से हो रही ठगी का भंडाफोड़ हुआ है।
यहां रेलवे स्टेशन के बुकिंग दफ्तर के कर्मचारी टिकट लेने आने वाले मजदूर व गरीब तबके के यात्रियों से प्रतिदिन निर्धारित टिकट रेट से अधिक दाम वसूलते थे। यह धंधा यात्रियों को सुपर फास्ट ट्रेन का टिकट दिलाने के नाम पर बुकिंग दफ्तर से जुडे़ रेलवे कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा था।
इसकी शिकायत जीएम व डीआरएम तक पहुंची। इस पर मंडल के सहायक वाणिज्य मंडल प्रबंधक प्रथम एमपी सिंह ने रविवार को बुकिंग दफ्तर में छापा मारा। छापे के दौरान ही बुकिंग दफ्तर के काउंटर नंबर पांच पर सूरत व लुधियाना जाने वाले दो यात्रियों से निर्धारित दाम से दस रुपये अधिक सुपरफास्ट ट्रेन का टिकट देने के नाम पर ले लिया गया।
ठगे गए यात्री अनिल कुमार व घनश्याम सिंह ने जांच कर रहे अधिकारी से इसकी लिखित शिकायत कर दी जिस पर सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक एमपी सिंह ने संबंधित काउंटर पर तैनात कर्मचारी अमित कुमार को निलंबित कर दिया। इसी तरह यात्रियों से वसूली के मामले में गेट पर तैनात टिकट कलेक्टर डीके महवात को भी निलंबित कर दिया गया है। एसीएम एमपी सिंह ने बताया कि यात्रियों से अधिक रुपये लेने की शिकायतें मिली थीं।
एक यात्री ने गेट पर तैनात टिकट कलेक्टर द्वारा की जा रही वसूली का वीडियो बनाकर भेजा था। इस पर छापा मारा गया। मौके पर बुकिंग दफ्तर में वसूली की बात सही पाई गई जिस पर दोनाें कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने कहा कि मामला गंभीर है, इसकी विभागीय जांच कराई जा रही है।