स्थानीय कोतवाली में करीब 15 दिन पूर्व महिला की लूट के बाद की गई हत्या के मामले में पुलिस की शिथिलता के चलते रविवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों लोगों ने उतरौला नगर में पीलीभीत-बस्ती राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया।
करीब पांच घंटे तक आंदोलनकारी पुलिस तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। चक्का जाम के चलते दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी लाइन लगई। लोग घंटों जाम से जूझते रहे। मौके पर पहुंचे सीओ के समझाने-बुझाने पर लोग यह कहते हुए शांत हो गए कि यदि 20 फरवरी तक हत्यारे पकड़े नहीं गए तो फिर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
विदित हो कि विगत 26 जनवरी को मार्निंग वॉक पर निकली ग्राम बकसरिया निवासी महिला शांतशी देवी की अज्ञात लुटेरों ने जेवर लूटने के बाद हत्या कर दी और शव गड्ढे में फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में केस तो दर्ज कर लिया।
15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस मामले में खाली हाथ है। घटना का खुलासा न होने से नाराज परिजनों ने लोकतंत्र रक्षक सेनानी चौधरी इरशाद के नेतृत्व में चेतावनी दी थी कि यदि खुलासा नहीं हुआ 12 फरवरी को प्रदर्शन किया जाएगा।
पुलिस ने इस चेतावनी पर कोई ध्यान नहीं दिया। रविवार को सैकड़ों लोग व परिजन इरशाद के साथ उतरौला नगर पहुंच गए और पीलीभीत-बस्ती राजमार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी हाथ में तख्तियां लेकर पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
मौके पर पहुंचे कोतवाल मथुरा राय ने लोगों को समझाने का प्रयास तो किया लेकिन लोग अड़े रहे। करीब पांच घंटे तक राजमार्ग पर आवागमन ठप रहा। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारी लगातार बढ़ते जा रहे थे। मामले की गंभीरता समझ उतरौला सीओ शशिकांत यादव मौके पर पहुंच गए।
सीओ ने लोगों को शीघ्र मामले के खुलासे का आश्वासन दिया तथा प्रदर्शन खत्म करने की अपील की। प्रदर्शनकारी यह चेतावनी देते हुए शांत हुए कि यदि 19 फरवरी तक मामले का खुलासा न हुआ तो वह 20 फरवरी को फिर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इस अवसर पर दिलीप कुमार, बासदेव, गुलहसन, राम सागर, अजय पटेल, राम निवास यादव, फजुल आबदीन व अशोक दूबे समेत सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।