तीस लाख रुपये के लालच में आकर अलखराम की हत्या की गई थी। इसका खुलासा शनिवार को अलखराम हत्याकांड के मुख्य आरोपी ने पुलिस के सामने किया है। पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी व उसके चचेरे भाई को रेलवे स्टेशन गोंडा से गिरफ्तार किया।।
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर अलखराम का सफारी सूट भी पुलिस ने बरामद किया है। इटियाथोक थाना क्षेत्र के अहिरौलिया गांव के मजरा बरगदही निवासी अलखराम गौतम की 6 अगस्त को धानेपुर थाना क्षेत्र के विजयगढ़वा गांव के पास नहर की पुलिया के नीच सिर कटी लाश मिली थी।
मामले में अलखराम की पत्नी पुष्पा देवी ने अज्ञात के खिलाफ थाना धानेपुर में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। थानाध्यक्ष धानेपुर देवेंद्र पांडेय ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर हत्याकांड के मुख्य आरोपी इरशाद व वसीम को रेलवे स्टेशनग गोंडा से शनिवार को गिरफ्तार किया गया।
एसओ के मुताबिक पकड़े गए मुख्य आरोपी इरशाद ने बताया कि वह अलखराम गौतम के साथ मिलकर लोगों के घरों से गड़ा हुआ धन निकालने के नाम पर ठगी करता था। पूछताछ में इरशाद ने पुलिस को बताया कि अलखराम ने उसे अपने पास तीस लाख रुपये होने की झूठी कहानी सुनाई।
इससे वह लालच में आ गया और अपने चचेरे भाई वसीम के साथ मिलकर रुपये हड़पने के लिए अलखराम की हत्या का प्लान बनाया। हत्या के लिए उसने चचेरे भाई के साथ ही दो-दो लाख रुपये का लालच देकर दो अन्य आरोपियों को भी तैयार कर लिया।
एसओ ने बताया कि प्लान के मुताबिक इरशाद ने 4 अगस्त को अलखराम को फोन करके घर से बाहर बुलाया और बताया कि एक जगह गड़ा धन निकालना है।
इसके बाद चारो उसे विजयगढ़वा गांव के पास नहर की पुलिया पर ले गए। वहां लोहे की राड से मारकर अलखराम की हत्या कर दी और सिर व दोनों हाथ काटकर नहर से सौ मीटर की दूरी पर फेंक दिया।
एसओ ने बताया कि शव की शिनाख्त न हो सके, इसलिए आरोपियों ने अलखराम का सफारी सूट उतरा लिया और उसे गांव के पास ले जाकर फेंक दिया। एसओ ने बताया कि इरशाद की निशानदेही पर शनिवार को सफारी सूट बरामद कर लिया गया है।