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नसबंदी के बाद महिला ने दिया बच्ची को जन्म

Sat, 16 Jan 2016 11:15 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
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डॉक्टरों की इस लापरवाही से परेशान महिला का पति क्षतिपूर्ति का लाभ पाने के लिए अस्पताल के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। पीड़ित ने मुख्य चिकित्साधिकारी को शिकायती पत्र देकर क्षति पूर्ति की मांग की है।
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मामला धानेपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बनगाई के मजरा मूडाडीहा का है। यहां के निवासी विश्वनाथ के मुताबिक उसके दो बेटे व एक बेटी है। खेती-किसानी कर अपने परिवार का जीवनयापन करने वाले विश्वनाथ ने संतानों की अच्छी देखरेख के लिए परिवार नियोजन करने का फैसला किया था।

विश्वनाथ ने बताया कि क्षेत्र की एएनएम चंदा यादव व आशा बहू कोकिला के कहने पर उसने 30 अक्तूबर 2014 को सीएचसी मुजेहना में परिवार नियोजन के लिए लगाए गए कैंप में पत्नी सीता देवी की नसबंदी का ऑपरेशन कराया था।
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विश्वनाथ का कहना है कि करीब तीन महीने बाद पत्नी ने पेट दर्द की शिकायत की तो उसने मुख्यालय स्थित एक अस्पताल में 18 अप्रैल 2015 को पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराया।

इसमें डॉक्टरों ने उसकी पत्नी के गर्भवती होने की जानकारी दी। विश्वनाथ ने इस मामले की शिकायत सीएचसी के चिकित्सक समेत उच्चाधिकारियों से की तो उसे क्षतिपूर्ति दिलाने का आश्वासन देकर टरका दिया गया।

विश्वनाथ ने बताया कि तीन सितंबर 2015 को पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया है। शनिवार को क्षतिपूर्ति का फॉर्म लेकर सीएचसी के चक्कर काट रहे विश्वनाथ ने बताया कि बेटी होने के बाद से ही वह क्षतिपूर्ति के लिए चक्कर काट रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।

विश्वनाथ ने सीएमओ को पत्र देकर क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। वहीं, सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है। लेकिन अगर ऐसा है तो इसे जरूर दिखवाया जाएगा।
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