सात फेरों से पहले पुलिस ने रोकी शादी
गोंडा। वीरेपुर गांव में गुरुवार की रात बैंडबाजा के साथ बारात लेकर पहुंचे दूल्हे की हसरतों पर मोबाइल फोन की एक कॉल ने पुलिस का पहरा बैठा दिया। दूल्हे राजा दूसरी शादी करने के अपने इरादे में कामयाब तो नहीं हुए, लेकिन थाने जरूर पहुंच गए।
पुलिस ने दूसरी शादी रोक दी और दूल्हे और दूल्हे के परिवार वालों का अदालत का फैसला आने तक दूसरी शादी न करने की हिदायत दी है।
थानाध्यक्ष मोतीगंज प्रियंवद मिश्र ने बताया कि गुरुवार की रात उनके मोबाइल फोन पर सूचना मिली कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी को धोखा देकर दूसरी शादी कर रहा है, जबकि पहली पत्नी का मामला अदालत में विचाराधीन है।
बताया कि इसी सूचना पर वह मौके पर पहुंचे और सात फेरे लेने जा रहे दूल्हे की शादी रोक दी और दूल्हे को थाने ले आए। इस बीच पहली पत्नी अपने परिजनों के साथ वहां पहुंच गई।
थानाध्यक्ष ने बताया कि नगर कोतवाली क्षेत्र के धनौली निवासी अवधेश वर्मा पुत्र शोभाराम वर्मा की शादी कोतवाली नगर क्षेत्र के ही शेखापुर गांव के हरीराम की पुत्री नीलू के साथ वर्ष 2010 में हुई थी।
कुछ साल बाद दोनों में किसी बात को लेकर अनबन हो गई और अवधेश ने नीलू को ले जाने से इंकार कर दिया। पंचायत के बाद भी जब सुलह नहीं हुई तो मामला अदालत पहुंच गया।
इस बीच अवधेश वर्मा की शादी मोतीगंज थाना क्षेत्र के वीरेपुर गांव के गोकरन वर्मा के यहां तय हो गई। थानाध्यक्ष के मुताबिक अवधेश ने लड़की पक्ष से इस बात को छुपाया कि उसकी शादी हो चुकी है और उसका मुकदमा अदालत में विचाराधीन है।
जब इस शादी की जानकारी उसकी पहली पत्नी नीलू को हुई तो उसने इसकी सूचना उन्हें थानाध्यक्ष को मोबाइल फोन पर दी और अपने परिजनों के साथ वीरेपुर गांव पहुंच गई।
थानाध्यक्ष ने बताया कि चूंकि उसकी पहली पत्नी से अभी तक तलाक नहीं हुआ है, इसलिए शादी रोक दी गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपस में सुलह कर ली, इसलिए दूल्हे को छोड़ दिया गया।