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कोरम पूरा न होने से अध्यक्ष ने रद्द की जिला पंचायत के सदन की बैठक

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विधायक-डीएम राह ताकते रहे नहीं आए सदस्य
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गोंडा। जिला पंचायत में शनिवार को होने वाली जिला योजना की बैठक को कोरम पूरा न होने की वजह से प्रभारी अध्यक्ष/जिलाधिकारी ने रद्द कर दिया। सांसद व विधायकों में दो विधायकों को छोड़कर सांसद व विधायकों के अलावा सदन के एक तिहाई सदस्यों के न आने पर अध्यक्ष ने बैठक को पोस्टपोन कर अगली बैठक 30 दिसंबर को बुलाने की घोषणा की।

कई सदस्यों ने तो अपने प्रतिनिधि के प्रतिनिधियों को भेजा था जबकि अधिकतर सदस्य सदन परिसर में भी नही दिखे। इसको लेकर जिला पंचायत सभागार से लेकर बाहर परिसर तक गहमागहमी का माहौल रहा।
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जिले में पिछले सपा सरकार के दौरान जिले में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में जिले के पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह के भाई की बहू श्रद्धा सिंह निर्विरोध निर्वाचित हुई थी। कुछ दिन बाद सत्ता का निजाम बदलने के बाद उन्होंने आज के करीब आठ माह पूर्व अपने पद से इस्तीफा दे दिया था तब से जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रभार जिलाधिकारी के पास है।

प्रभारी अध्यक्ष की ओर से शनिवार को जिला पंचायत सभागार में दोपहर में जिला योजना की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में मुख्य रूप से राज्य वित्त योजना के तहत कई विकास कार्य कराए जाने व जिला पंचायत के नजूल भूमि के फ्री होल्ड से संबंधित मुद्दों के अलावा पुराने विकास कार्यों के प्रगति की समीक्षा की जानी थी।

इस बैठक में जिले के सभी लोक सभा,विधानसभा,विधान परिषद के अलावा खासतौर पर जिला पंचायत के सभी सदस्यों को आमंत्रित किया गया था। सभी विभागों से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को मय प्रगति रिपोर्ट के साथ तलब किया था।

अपने समय से सदन में अध्यक्ष/जिलाधिकारी जेबी सिंह, सीडीओ दिव्या मित्तल पहुंचे। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों में सदर विधायक प्रतीक भूषण शरण सिंह, गौरा के विधायक प्रभात वर्मा पहुंचे। जबकि सांसद कैसरगंज के स्थान पर उनके प्रतिनिधि संजीव सिंह व सांसद गोंडा के जनप्रतिनिधि राम शंकर मिश्र पहुंचे।

मजे की बात तो यह रही की जिला पंचायत के कुल 51 सदस्यों में से एक तिहाई सदस्य भी नही पहुंचे। काफी देर तक सदस्यों के न आने पर प्रभारी अध्यक्ष/जिलाधिकारी ने बैठक को रद्द कर अगली बैठक 30 दिसम्बर को दोपहर में 12 बजे बुलाने की घोषणा करके चले गये।

पुलिस छावनी बना जिला पंचायत परिसर
गोंडा। सदन से लेकर जिला पंचायत सभागार में बाहरी लोगों के बढ़ते शोर शराबे व सदस्यों के न आने और उन्हें कथित तौर पर रोक दिये जाने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी। देखते ही देखते पूरा परिसर पुलिस छावनी में तबदील हो गया। सीओ सदर भरत लाल यादव नगर कोतवाल के अलावा भारी पुलिस व पीएसी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गये। कई महिला आरक्षियों को भी मौके पर बुलाया गया।

ऐसा माना जा रहा है कि सदस्यों के न आने के पीछे किसी माननीय या प्रभावशाली व्यक्ति की ओर से सदन में आने से रोका गया है। प्रशासन को शायद इस बात का भी एहसास होने लगा था कि सदन में सदस्यों के न आने के बाद कहीं कोई बवाल न हो इसके लिए सदन व आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी।

अगली बैठक में ऐसे रहा तो तीसरी बैठक में बिना बहुमत की पास होंगी योजनाएं
गोंडा। जिला पंचायत की शनिवार को बैठक रद्द किये जाने के बाद प्रभारी अध्यक्ष की ओर से अब अगली बैठक 30 दिसंबर को दोपहर 12 बजे दोबारा बुलाई गई है। जिला पंचायत के बाईलाज के मुताबिक यदि दूसरी बार की बैठक भी किसी वजह से पूरी नही हो पाती है तो तीसरी बार की बैठक बिना एक तिहाई बहुमत के ही पूरी हो जाएगी।

इस बावत जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सत्यपाल का कहना है कि नियम के मुताविक तीसरी बार होने वाली बैठक मेें विकास कार्यों के प्रस्ताव पास होंगे उसमें सदस्यों के बहुमत की आवश्यकता नही होगी।
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सदन की बैठक न होने पर प्रभारी अध्यक्ष ने जतायी चिंता
गोंडा। जिला पंचायत में अति महत्वपूर्ण बैठक में प्रतिनिधियों व सदन के सदस्यों के न आने पर चिंता जाहिर की।

उन्होंने इस दौरान कहा कि यह बैठक जिले के विकास कार्यों के लिए बुलाई गई थी। लेकिन इस में कई जनप्रतिनिधियों के साथ सदस्यगण नही आए। इससे विकास कार्य पिछड़ेगा। निर्वाचित व नामित सदस्यों के अलावा कोई व्यक्ति भेज देने से सदन की कार्रवाई पूरी नही की जा सकती।
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