किसानों को फिर भाया गन्ना, 10 फीसदी बढ़ा रकबा
पिछले साल से 22 फीसदी अधिक हुई गन्ने की बोवाई
इस्लाम खां
गोंडा। जिले के गन्ना किसानों को गन्ने की खेती फिर भाने लगी है। इस बार जिले में 10.7 फीसद गन्ना रकबा बढ़ा है। पिछले साल की तुलना में इस साल किसानों ने करीब 22 फीसद अधिक गन्ने की बोवाई की है। गन्ना नगदी फसल होने की वजह से गन्ने का रकबा बढने को किसानों व चीनी उद्योग के लिए बेहतरी से जोड़कर देखा जा रहा है।
पिछले पांच साल से जिले में चीनी मिलों की ओर से गन्ना मूल्य भुगतान में देरी करने व उनकी गाढ़ी कमाई को कई महीनों तक फंसाए रखने की प्रवृत्ति से गन्ना किसानों का गन्ने की फसल से मोहभंग हो गया था। लेकिन बीते पेराई पेराई सत्र में जिले में बलरामपुर ग्रुप की तीन चीनी मिलों की ओर से किये गये शत प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान से क्षेत्र के गन्ना किसानों में एक बार फिर गन्ने की खेती से लगाव बढ़ा है। जिले की एक मात्र बजाज कुन्दरखी चीनी मिल की ओर किसानों का गन्ना मूल्य फंसाया गया है। अभी भी मिल पर कई करोड़ रुपये बकाया है। लेकिन बलरामपुर चीनी मिल ग्रुप की मैजापुर चीनी मिल, मनकापुर दतौली चीनी मिल व बभनान चीनी मिल की ओर से पेराई सत्र 2016-17 में खरीदे गये गन्ने के मूल्य का भुगतान समय से कर दिये जाने से किसानों में गन्ने खेती के प्रति एक बार फिर रूझान बढ़ा है। पेराई सत्र 2017-18 के लिए हुए ताजा सर्वे में करीब 10.7 फीसद रकबा का इजाफा हुआ है। पिछले साल के सापेक्ष इस बार गन्ना किसानों ने 22 फीसद अधिक गन्ने की बोवाई की है।
इनसेट
जिले में चीनी मिलवार गन्ना रकबा की स्थिति
चीनी मिल पौधा पेड़ी(2016-17) पौधा पेड़ी (2017-18)
मनकापुर 6997.87 8284.76 8514.77 7270.91
मैजापुर 3700.25 3559.82 4203.14 3744.69
बभनान 3600.00 4431.00 5340.00 4131.00
बजाज 1129.88 9104.13 147996.01 8975.33
बलरामपुर 902.36 935.63 1094.75 925.00
मसौधा 3392.74 2567.57 3535.60 3106.59
हैदरगढ़ 1011.24 896.16 1198.11 828.98
जरवलरोड 1172.51 995.34 959.37 2377.65
रौजागांव 712.56 442.94 725.25 467.55
कुल - 39825.98 30410.42 32591.41 31220.34
नोट- कुल पौधा व पेड़ी गन्ने का रकबा हेक्टेयर में है। मनकापुर, बभनान, मैजापुर व बजाज चीनी मिल गोंडा में स्थापित हैं। अन्य चीनी मिलें पड़ोस के जिले की हैं जिसे गन्ना सुरक्षण नीति के तहत गोंडा के कुछ गन्ने की आपूर्ति की जानी है।
इनसेट
बोले किसान: समय पर मिले गन्ना मूल्य
गन्ना रकबा बढ़ने को लेकर किसानों की एक ही राय है कि समय से उन्हें गन्ना मूल्य का भुगतान मिले। किसान श्रीश्याम अवस्थी व राकेश ओझा का कहना है कि चीनी मिलें किसानों का पैसा न फंसाएं तो किसान गन्ने की फसल को अधिक फ संद करता है। किसान शिव प्रसाद व किसान रमेश कुमार का कहना है कि सरकार गन्ना मूल्य को किसानों की लागत को ध्यान में रखकर तय करें जिसे चीनी मिलें समय से भुगतान करें तो गोंडा बेहतर गन्ना बेल्ट के रूप में जाना जाएगा।
इनसेट
जिले में करीब 10.7 फीसद गन्ना रकबा बढ़ा है। पिछले साल गन्ना मूल्य भुगतान अच्छा होने व नई गन्ना प्रजातियों से अधिक गन्ना उत्पादन से गन्ना किसानों का गन्ने की फसल के प्रति उत्साह व विश्वास बढ़ा है। किसानों ने पिछले साल के सापेक्ष 22 प्रतिशत अधिक गन्ने की बोवाई की है।
- पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी