बेटी पैदा होने पर ससुराल वालों ने छोड़ा
गोंडा। महिला अस्पताल में भर्ती यासमीन ने जैसे ही एक दूसरी बच्ची को जन्म दिया, उसके ससुराल वालों ने उससे किनारा कर लिया। ऑपरेशन के 8वें दिन बुधवार को भी महिला अस्पताल में भर्ती इस महिला को लेने न तो उसके ससुराल वाले ही आए न ही उसके पति की ही कोई खोज-खबर लगी।
इसकी सूचना जैसे ही जिलाधिकारी को मिली, वह महिला से मिलने अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने फोन पर डीएम बहराइच से बात करके महिला के पति को बहराइच से गोंडा लाए जाने को कहा है। ताकि महिला को सकुशल उसके पति के साथ उसके घर वापस भेजा जा सके।
बहराइच के मिंहीपुरवा गांव में रहने वाली यासमीन की शादी गोंडा के मोहल्ला महरानीगंज घोसियाना में रहने वाले गुलजार के साथ हुई थी। साल भर पहले यासमीन ने एक बच्ची को जन्म दिया। जिसकी ढाई महीने की उम्र में मौत हो गई थी।
उसके बाद पिछले बुधवार को महिला के गर्भवती होने पर उसके देवर जावेद व भांजी मुन्नी लेकर महिला अस्पताल आए थे। जहां मुन्नी ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। यहां सीजर आपरेशन से महिला ने फिर से एक बेटी को जन्म दिया।
लेकिन यासमीन के बेटी को जन्म देने के बाद उसके ससुराल वाले उससे मिलने तक अस्पताल नहीं आए। कुछ खबरनवीसों से इसकी जानकारी जिलाधिकारी जेबी सिंह को जरूर मिल गई।
उन्होंने जाकर महिला अस्पातल में यासमीन से मुलाकात की। महिला का पति बहराइच में रहकर मजदूरी करता है। यासमीन भी बहराइच के मिंहीपुरवा की ही रहने वाली है। जिसके मां-बाप अब नहीं है।
जिलाधिकारी ने इस मामले में तत्काल डीएम बहराइच से बात करके महिला के पति को पुलिस के साथ गोंडा भिजवाने को कहा है। ताकि महिला को सकुशल उसके पति के साथ उसके घर भेजा जा सके। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि इस पूरे मामले में जिलाधिकारी ने खुद डीएम बहराइच से बात की है। महिला के पति को बहराइच से गोंडा लाया जा रहा है।