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बढते पानी से घाघरा ने चूमा खतने का निशान

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लाल निशान पर पहुंची घाघरा
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गोंडा। दो दिनों से लगातार बढ़ रही घाघरा ने शनिवार को खतरे का निशान छू लिया और घाघरा के जलस्तर के बढ़ने का सिलसिला भी जारी रहा। घाघरा का पानी अब एल्गिन चरसड़ी बांध से भी टकराने लगा है।

जिससे एक बार फिर करनैलगंज क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। पिछले साल बाढ़ की चपेट में आई करीब 80 ग्राम पंचायतों की 490 मजरों में एक बार फिर बाढ़ आने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने दो बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
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ग्राम नकहरा, गौरा सिंहपुर के सामने घाघरा नदी का पानी नदी से बाहर आकर बांध से सट गया है और अधिक जलस्तर बढ़ने पर नदी का पानी सीधे गांव की ओर रुख कर सकता है।

सिंचाई विभाग की ओर से बनाए गए नए रिंग बांध से अलग पौने 2 किलोमीटर की दूरी में बनाए गए अस्थाई बांध की ओर खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है। प्रशासन की ओर से बनाया गया अस्थाई पौने 2 किलोमीटर का बांध मिट्टी की पटाई करके तैयार कर दिया गया है।

वहीं बीच-बीच में पटाई कार्य में लापरवाही होने के कारण बांध का हिस्सा छूटा हुआ भी है। जिससे घाघरा का पानी गांव की ओर तेजी से आ सकता है। शनिवार को 106.07 के सापेक्ष 105.996 शनिवार को दिन में 2 बजे तक था।

वहीं जल स्तर का बढ़ना तेजी से जारी था। मौके पर मौजूद अधिकारियों की माने तो देर शाम तक घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान को पार भी कर सकता है। शनिवार को घाघरा में करीब 2 लाख 30 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा।

डिस्चार्ज बढ़ने के साथ ही क्षेत्र के लिए खतरा भी बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर तहसील प्रशासन ने घाघरा का जलस्तर बढ़ता देख क्षेत्र की दो बाढ चौकियां गौरा सिंहपुर, पाल्हापुर को अलर्ट कर दिया गया है।

मौके पर राजस्व निरीक्षक व अन्य विभागों के कर्मचारी तैनात किए गए हैं। लेखपालों की चल रही हड़ताल के मद्देनजर प्रशासन का बाढ़ के लिए होने वाला इंतजाम फेल नजर आ रहे हैं।

मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के जेई एमके सिंह ने बताया कि घाघरा का जलस्तर बढ़ रहा है और नदी बांध की तरफ तेजी से बढ़ रही है। फिर भी बांध को कोई खतरा नहीं है। लगातार निगरानी की जा रही है।
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तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना पर दो बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर वहां पर राजस्व कर्मचारियों की तैनाती के साथ ही अन्य विभाग के अधिकारियों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं, हालांकि अभी क्षेत्र को बारिश का कोई खतरा नहीं है।
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