पत्नी की हत्या में 14 माह तक जेल में बंद था संजय
गोंडा । प्रेमिका अंजू संग पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाने से संजय की मौत हो गई। मगर वह इससे पहले भी एक दुस्साहस कर चुका था। दहेज की खातिर वह दो साल पहले पत्नी की हत्या में आरोपित रह चुका है।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था। 14 माह तक जेल में वह बंद रहने बाद हाल ही में जेल से रिहा हुआ था। तभी से अंजू के घर का चक्कर लगा रहा था।
गांव वालों की माने तो संजय अपनी शादी से पहले भी इस गांव में आता रहता था। संजय अंजू से एक तरफा मोहब्बत करता था। अंजू उसे पसंद नहीं करती थी।
बस्ती जनपद के पैकोलिया थाना क्षेत्र के हसीनाबाद के रहने वाले राम सुरेश उर्फ संजय की शादी 5 मार्च 2017 को बस्ती जनपद के ही सोनहा थाना क्षेत्र के करीमनगर के रहने वाले गंगादीन की बेटी के संग हुई थी।
गंगादीन की पत्नी इंद्रावती ने 10 जनवरी 2018 को रामसुरेश उर्फ संजय पर बेटी की हत्या का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ पैकोलिया थाने में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बस्ती पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। 14 माह तक जेल में गुजारने के बाद वह वर्ष 2018 के दिसंबर माह में जेल से रिहा हुआ था। गांव वालों को कहना है कि अंजू के पिता और दो भाई दिल्ली में रहकर रोजगार करते हैं। परिवार के लोग अंजू की शादी की तैयारी में थे। इसी बीच हुए हादसे से लोग बदहवाश हैं।
-गांव वालों के मुताबिक राम सुरेश उर्फ संजय अपनी शादी से पहले और बाद में भी अंजू के घर के चक्कर लगाता रहता था। उसने कई बार अंजू के घर में घुसने का भी प्रयास किया।
इससे पहले अंजू की मां ने संजय के कई बार फटकार कर घर से भगाया था। शनिवार की शाम भी संजय अंजू के घर पहुंच गया था। अंजू और उसकी मां की संजय से झड़प भी हुई थी। दोनों ने उसे फटकार कर घर से भगा दिया था।