मंडल के नौ हजार श्रमिकों को मिलेगा पक्का आवास
निर्माण कामगार आवास सहायता योजना के तहत मिलेंगी एक लाख रुपये की सहायता
इस्लाम खां
गोंडा। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण बोर्ड की ओर से निर्माण कामगार आवास योजना के तहत देवीपाटन मण्डल के नौ हजार पंजीकृत श्रमिकों को आवास का तोहफा दिया जाएगा। केंद्र व राज्य सरकार की सहायता से संचालित इस योजना के तहत श्रमिकों को आवास बनाने के लिए एक लाख रुपये दो किश्तों में दिये जाएंगे। बोर्ड के सचिव ने श्रम विभाग के सभी उप श्रमायुक्तों व श्रम प्रवर्तन अधिकारियों से पंजीकृत श्रमिकों की सूची मांगी है।
उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से निर्माण कामगार आवास सहायता योजना के तहत प्रदेश भर में दो लाख श्रमिकों को आवास दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें से अकेले देवीपाटन मंडल के चार जिलों गोंडा, बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती में नौ हजार श्रमिकों को आवास दिये जाने का लक्ष्य है। पंजीकृत श्रमिकों को जिनके पास आवास बनाने की जमीन है उन्हें आवास योजना का लाभ दिया जाना है। बोर्ड के सचिव बीजे सिंह ने सभी उप श्रमायुक्तों से लाभार्थियों की सूची मांगी है। निर्माण कार्य से लगे अधिकतर श्रमिक अति निर्धन समाज के हैं, जिसमें से अधिकांश के पास रहने को आवास की सुविधा नहीं है। ऐसे लोगों के पास इतनी धनराशि भी नहीं होती जिससे वे आवास बना सकें। ऐसे में बोर्ड अब केंद्र व राज्य सरकार की मदद से श्रमिकों को आवास की सौगात देगा। 10 अगस्त तक श्रमिकों की सूची मांगी गई है। श्रमिकों को आवेदन करने के सात दिन में उनके प्रपत्रों का सत्यापन होगा। उच्चाधिकारियों के अनुमोदन के तीन दिन बाद लाभार्थी के खाते में बोर्ड आवास का पैसा भेजेगा।
इनसेट
देवीपाटन मण्डल को जिलेवार मिला आवास का लक्ष्य
* गोंडा - 3000 आवास
* बहराइच - 3000 आवास
* बलरामपुर - 1500 आवास
* श्रावस्ती - 1500 आवास
* कुल - 9000 आवास
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योजना में लाभार्थी श्रमिकों की पात्रता
* लाभार्थी का श्रम विभाग में पंजीकरण हो।
* श्रमिक नियमित अंशदान जमा करता हो।
* स्वयं व परिवार का पक्का आवास न हो ।
* श्रमिक को या उसके परिवार को किसी अन्य योजना से आवास न मिला हो।
* श्रमिक या परिवार के नाम आवास बनाने की समुचित भूमि हो।
* पंजीकृत श्रमिक के रूप में पति पत्नी के आवेदन करने पर पत्नी को वरीयता मिलेगी।
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आवास के लिए श्रमिक कैसे करें आवेदन
पंजीकृत श्रमिकों की ओर से आवास के लिए श्रम विभाग की ओर से जारी निर्धारित प्रोफार्मा पर आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र में आवेदक को अपना पूरा ब्यौरा भरना होगा। इसके बाद उस आवेदन पत्र पर बोर्ड की ओर से जारी पंजीयन पत्र की प्रमाणित कापी, फोटो, निवास प्रमाण पत्र, भूमि स्वामित्व अभिलेख की सत्यापित प्रति लगानी होगी। इसके अलावा आवेदक श्रमिक को इस बात का शपथपत्र भी देना होगा कि उसे व उसके परिवार को सरकार की अन्य किसी योजना से आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। श्रमिक अपने आवेदन को श्रम विभाग व ब्लाकों में जमा कर सकेंगे। यहां से श्रमिकों को आवेदन जमा करने की रसीद दी जाएगी। सात दिन के भीतर खण्ड विकास अधिकारी व नायब तहसीलदार अपनी रिपोर्ट लगाएंगे। इसके बाद पूरी पत्रावली को डीएम व सीडीओ की संस्तुति होगी। आवेदन के श्रम कार्यालय पहुंचने के तीन दिन बाद बैंक के जरिये लाभार्थी के खाते में आवास योजना का पैसा भेज दिया जाएगा।
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भूमि स्वामित्व के सत्यापन में फसेंगा पेंच
श्रमिकों की जमीन के स्वामित्व प्रमाणिकता में पेंच फ ंसेगा। क्योंकि जिन श्रमिकों के पास गाटा संख्या वाली जमीन है उसकी तो वह खतौनी लगा देगा और लेखपाल कानूनगो प्रमाणित भी कर देगा, लेकिन जिनके पास संयुक्त आबादी वाले जमीन में घर बनाने का आवेदन है उस जमीन को आवेदक के भू स्वामित्व को सिद्ध करने में पेंच फंसेगा। ऐसे सभी आबादी वाले भूमि पर काबिज भूमि धरी की रिपोर्ट देने में लेखपाल व कानूनगो कन्नी काटते रहे हैं। शासन की यह योजना इसी लिए अब तक पूरी तरह से नही चल सकी है।
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उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण बोर्ड की ओर से निर्माण कामगार आवास सहायता योजना संचालित की गई है। केंद्र व राज्य सरकार की मदद से इस योजना के तहत लाभार्थी को आवास बनाने के लिए दो किश्तों में एक लाख दिए जाएंगे। लाभार्थी के पास जमीन आवास के लिए जमीन होनी चाहिए।
- शमीम अख्तर अंसारी,उप श्रमायुक्त देवीपाटन मण्डल ।