गोंडा। रुपईडीह ब्लॉक के भुलईडीह गांव में 43 अपात्रों को आवास दे दिए गए। इस मामले का खुलासा होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना से वित्तीय वर्ष 2016-17 में 19 लाभार्थियों में 14 अपात्रों को आवास योजना का लाभ दिए जाने और इसी गांव के 29 अपात्रों को वर्ष 2015-16 में इंदिरा आवास योजना का लाभ दिए जाने का मामला उजागर हुआ है।
यह खुलासा गांव के लोगों की शिकायत पर की गई जांच में हुआ। हाल ही में कार्रवाई के लिए ब्लॉक पर एक बार फिर जांच-पड़ताल हुई, लेकिन यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। गांव के वासुदेव तिवारी ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच रिपोर्ट के साथ शिकायती पत्र सौंप कर कार्रवाई की मांग की है।
आवास योजनाओं में बड़े पैमाने पर घपले के मामले जिले में खुल चुके हैं। इसी कड़ी में भुलईडीह गांव में 43 अपात्रों को गलत तरीके आवास दिए जाने के मामले का खुलासा जिला स्तरीय जांच में हुआ। इसमें कार्रवाई की सिफारिश भी हुई और कार्रवाई विभागों की फाइलों में दब गई है।
बीते दिसंबर में भी कार्रवाई के लिए गांव वालों ने ज्ञापन सौंपा था और अधिकारियों ने आश्वासन दिया। अभी तक रिकवरी का न तो आदेश जारी हुआ और न ही कोई कार्रवाई हुई। अब मुख्य विकास अधिकारी के यहां शिकायत होने के बाद फिर से पत्रावली खंगालाी जा रही है। माना जा रहा है कि नए सिरे मामले की जांच होगी या फिर पुरानी संस्तुतियों के आधार पर कार्रवाई के आदेश होंगे।
गांव की एक महिला ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
भुलईडीह गांव के मामले में गांव की एक राधारानी ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें गांव के पंचायत अधिकारी समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी। इस मामले की जांच पुलिस कर रही है, अभी तक पुलिस की ओर से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अब इसकी शिकायत भी पुलिस अधीक्षक से की गई है।
लाभ से वंचित गरीबों में आक्रोश
प्रधानमंत्री व इंदिरा आवास योजना में अपात्रों के चयन से कई गरीब लाभ से वंचित रह गए हैं। इससे उनमें आक्रोश है। गांव की राधा का कहना है कि इससे गरीबों का नुकसान हो रहा है। अधिकारी मामले में कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। इसी तरह वासुदेव तिवारी भी कार्रवाई न होने से खफा हैं।
वर्जन
आवास योजनाओं में गड़बड़ियों से जुड़ी शिकायतों की जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जा रही है।
- अशोक कुमार, सीडीओ